36 करोड़ भारतीयों को प्रभावित कर रही यह खतरनाक समस्या, जबड़ा दर्द को न करें नजरअंदाज, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

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जबड़े में दर्द, क्लिक की आवाज या मुंह खोलने में परेशानी टेम्पोरो-मैंडिबुलर डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव, दांत पीसने की आदत और गलत पॉश्चर इसकी बड़ी वजह हैं। समय पर पहचान और सही देखभाल से राहत संभव है।

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ हाथ-पैर या कमर की देखभाल ही काफी नहीं होती, बल्कि चेहरे के सबसे सक्रिय जोड़ यानी जबड़े का स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है। हम दिनभर बोलने, खाने, हंसने और जम्हाई लेने जैसे कई कामों में जबड़े का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जब मुंह खोलते समय आवाज आने लगे, चबाने में दर्द हो या जबड़ा जाम होने लगे, तो यह सामान्य समस्या नहीं बल्कि शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को मेडिकल भाषा में टेम्पोरो-मैंडिबुलर डिसऑर्डर (टीएमडी) कहा जाता है। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़कर दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।


क्या है टीएमडी और कैसे करता है प्रभावित

जबड़े की हड्डी को खोपड़ी से जोड़ने वाला जोड़ कान के ठीक सामने स्थित होता है, जिसे टेम्पोरो-मैंडिबुलर जॉइंट कहा जाता है। इसी जोड़ की मदद से मुंह खुलता और बंद होता है। जब इस जोड़ या उससे जुड़ी मांसपेशियों में कोई समस्या आती है तो व्यक्ति को जबड़े में दर्द, अकड़न, सिरदर्द, कान दर्द और मुंह खोलने में परेशानी महसूस हो सकती है। समस्या यह है कि कई लोग इन लक्षणों को सामान्य दांत दर्द, कान दर्द, साइनस या माइग्रेन समझकर अनदेखा कर देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में लोगों में टीएमडी के शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन समय पर पहचान न होने के कारण परेशानी बढ़ जाती है।


तनाव और खराब आदतें बन सकती हैं बड़ी वजह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक टीएमडी के पीछे हमारी रोजमर्रा की कई आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। तनाव के दौरान दांत भींचना, नींद में दांत पीसना, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर काम करना और गलत बैठने की आदत जबड़े पर अतिरिक्त दबाव डालती है। जब लंबे समय तक जबड़े की मांसपेशियां तनाव में रहती हैं तो उस क्षेत्र में रक्त संचार प्रभावित होने लगता है। इससे ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो सकती है और दर्द व जकड़न की समस्या बढ़ जाती है। कई मामलों में लोगों को गर्दन दर्द, सिरदर्द और कानों में आवाज आने जैसी शिकायतें भी होने लगती हैं।


समय रहते पहचान जरूरी, बिना सर्जरी भी मिल सकती है राहत

विशेषज्ञ बताते हैं कि टीएमडी केवल जबड़े तक सीमित समस्या नहीं है। इसका संबंध मांसपेशियों, नसों, शरीर की मुद्रा और मानसिक तनाव से भी होता है। यही वजह है कि इसके लक्षण अलग-अलग लोगों में अलग रूप में दिखाई दे सकते हैं। अच्छी बात यह है कि अधिकांश मामलों में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। यदि शुरुआती चरण में समस्या की पहचान हो जाए तो सही व्यायाम, तनाव नियंत्रण, बेहतर जीवनशैली और सही बैठने की आदतों से काफी राहत मिल सकती है। इसलिए जबड़े में लगातार दर्द, आवाज या जकड़न महसूस हो तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

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