मंगला एक्सप्रेस में खाना बना मुसीबत! 30 छात्र बीमार, खंडवा में ट्रेन रोककर इलाज
- Babli Ansari
- 29 Aug, 2026
खंडवा। दिल्ली से केरल जा रही मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उसमें सवार केरल के स्कूली बच्चों की एक बड़ी संख्या अचानक बीमार पड़ गई। जानकारी के मुताबिक त्रिशूर के हैप्पी कॉन्वेंट स्कूल के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण के बाद लौट रहे थे और उन्होंने ट्रेन की पेंट्रीकार से खाना खाया था। उसके कुछ घंटे बाद ही उल्टी, दस्त, चक्कर और बुखार जैसी शिकायतें सामने आने लगीं। कुल 30 छात्रों की तबीयत बिगड़ने की पुष्टि हुई, जिनमें पांच की हालत ज्यादा खराब बताई गई। सूचना मिलते ही खंडवा स्टेशन पर ट्रेन को रोका गया और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
पेंट्रीकार के खाने पर उठे सवाल
स्टेशन पर पहुंचते ही जिला प्रशासन और रेलवे की मेडिकल टीम ने बच्चों की जांच शुरू की। सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत के मुताबिक बच्चों ने दोपहर में खाना खाया था और करीब चार घंटे बाद परेशानी शुरू हुई। इसी वजह से फूड पॉइजनिंग की आशंका गहराई है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि बच्चों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर प्राथमिक इलाज दिया गया, फिर उन्हें उल्टी-दस्त और कमजोरी की दवाएं, ओआरएस और जरूरी मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई। शुरुआती जांच के बाद ट्रेन को करीब 50 मिनट तक खंडवा में रोके रखा गया। बाद में दोबारा जांच कर सभी बच्चों को आगे की यात्रा पर रवाना कर दिया गया।
यात्रा के दौरान बिगड़ी हालत, जांच की मांग तेज
मामला सिर्फ एक ट्रेन में बीमार पड़े बच्चों का नहीं, बल्कि रेल में मिलने वाले खान-पान की गुणवत्ता पर भी बड़ा सवाल है। अलग-अलग रिपोर्टों में बच्चों की संख्या 15 से 20 और 30 तक बताई गई, लेकिन अधिकारियों ने 30 छात्रों के प्रभावित होने की पुष्टि की है। बच्चों के परिजन और स्कूल स्टाफ की चिंता भी इस घटना के बाद बढ़ गई है। खंडवा में हुई त्वरित मेडिकल मदद से स्थिति संभल गई, लेकिन अभी तक खाने के सैंपल की जांच या दोष तय होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है और अब सबकी नजर इस पर है कि आखिर पेंट्रीकार का खाना खराब था या मामला किसी और वजह से हुआ।
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