ऑफलाइन AI ऐप्स का बढ़ा क्रेज, बिना इंटरनेट भी कर सकेंगे चैट और कंटेंट तैयार

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इंटरनेट के बिना काम करने वाले लोकल AI ऐप्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। गूगल AI Edge Gallery और MNN Chat जैसे प्लेटफॉर्म यूजर्स को बेहतर प्राइवेसी और ऑफलाइन एक्सेस की सुविधा दे रहे हैं।

तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब एआई चैटबॉट्स का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। लोग जानकारी हासिल करने, कंटेंट तैयार करने और रोजमर्रा के कई कामों के लिए चैटजीपीटी और जेमिनाई जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि इन सभी प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन जरूरी होता है। इंटरनेट बंद होते ही इनका इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा ऑनलाइन एआई टूल्स के जरिए निजी डेटा और प्राइवेसी लीक होने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में अब लोकल एआई मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ये मॉडल फोन में इंस्टॉल होकर ऑफलाइन काम करते हैं और इन्हें इंटरनेट के बिना भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि अब यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।


लोकल AI मॉडल क्यों बन रहे हैं लोगों की पसंद

लोकल एआई मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें हर समय इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। एक बार फोन में इंस्टॉल करने के बाद ये ऑफलाइन भी आसानी से काम करते हैं। इससे यूजर्स को कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में भी परेशानी नहीं होती। साथ ही यूजर का डेटा डिवाइस के बाहर नहीं जाता, जिससे प्राइवेसी ज्यादा सुरक्षित रहती है। गूगल का ऑफलाइन एआई प्लेटफॉर्म “गूगल एआई ऐज गैलेरी” इन दिनों काफी चर्चा में है। इसमें कंपनी का जेमा-4 मॉडल आसानी से रन करता है। इसका इंटरफेस बेहद आसान रखा गया है ताकि नए यूजर्स भी इसे आसानी से चला सकें। इसमें टेक्स्ट, इमेज और वॉइस टूल्स के साथ एजेंट स्किल, विकिपीडिया इंटीग्रेशन और प्रॉम्प्ट लैब जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। खास बात यह है कि इसमें चैट हिस्ट्री सेव नहीं होती।


एमएनएन चैट समेत कई ऐप्स दे रहे बेहतर विकल्प

ऑफलाइन एआई ऐप्स में एमएनएन चैट भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है, जो छोटे और मीडियम एआई मॉडल्स को सपोर्ट करता है। इसमें चैट हिस्ट्री सेव रहती है और एक बेंचमार्किंग टूल भी मिलता है, जो बताता है कि आपका फोन एआई मॉडल को कितनी बेहतर तरीके से चला सकता है। इन ऐप्स का फायदा यह है कि यूजर्स को बार-बार इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती और ज्यादातर ऐप्स बिना सब्सक्रिप्शन के भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में लोकल एआई मॉडल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि लोग अब डेटा सिक्योरिटी और ऑफलाइन एक्सेस को ज्यादा महत्व देने लगे हैं।

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