स्मार्ट मीटर उपभोक्ता अब खुद बना सकेंगे बिजली बिल, UPPCL ऐप से मिलेगी सुविधा
- Shiv Kumar
- 06 Jun, 2026
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल से जुड़ी प्रक्रिया को और आसान बना दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को नियमित बिजली बिल मिलने की व्यवस्था लागू हो गई है। हालांकि, यदि किसी कारणवश किसी उपभोक्ता को समय पर बिजली बिल प्राप्त नहीं होता है, तो अब वह खुद भी अपना बिजली बिल जेनरेट कर सकता है। इसके लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ताओं को विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है। उपभोक्ता UPPCL Consumer ऐप के माध्यम से कुछ जरूरी जानकारी दर्ज कर अपना बिजली बिल तैयार कर सकते हैं। बिजली विभाग का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को बिलिंग से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी और भुगतान प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनेगी।
UPPCL Consumer ऐप से ऐसे बनाएं अपना बिजली बिल
बिजली विभाग के अनुसार, बिल जेनरेट करने के लिए सबसे पहले उपभोक्ताओं को UPPCL Consumer ऐप डाउनलोड कर उसमें लॉगइन करना होगा। लॉगइन के बाद Self Bill Generation विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद उपभोक्ता को अपने स्मार्ट मीटर में दर्ज रीडिंग और अधिकतम डिमांड की जानकारी भरनी होगी। आवश्यक विवरण दर्ज करते ही सिस्टम स्वतः बिजली बिल तैयार कर देगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी जिन्हें किसी तकनीकी कारण या अन्य वजह से समय पर बिल प्राप्त नहीं हो पाता। विभाग समय-समय पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इस सुविधा की जानकारी साझा कर रहा है ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें।
UPPCL Consumer और Smart ऐप में क्या है अंतर
अक्सर उपभोक्ता UPPCL Consumer ऐप और UPPCL Smart ऐप को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों का उपयोग अलग-अलग है। UPPCL Consumer ऐप में स्वयं बिजली बिल तैयार करने, नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने और लोड बढ़ाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं UPPCL Smart ऐप मुख्य रूप से बिजली बिल देखने, भुगतान करने, पुराने बिलों की जानकारी प्राप्त करने और शिकायत दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा उपभोक्ता अपनी प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और नाम आदि भी अपडेट कर सकते हैं। बिजली कटौती, वोल्टेज संबंधी समस्या या मीटर से जुड़ी शिकायतें भी इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज की जा सकती हैं। विभाग का मानना है कि इन डिजिटल सेवाओं से उपभोक्ताओं का समय बचेगा और बिजली सेवाओं तक पहुंच पहले से अधिक आसान होगी।
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