WhatsApp Username Feature: क्या आपके पसंदीदा नेता या सेलिब्रिटी के नाम से हो सकती है ठगी? जानिए मेटा का जवाब
- Shiv Kumar
- 02 Jul, 2026
दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कंपनी ऐसा फीचर लाने की तैयारी में है, जिससे यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए केवल यूजरनेम के जरिए एक-दूसरे से बातचीत कर सकेंगे। जहां मेटा इसे यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करने वाला कदम बता रहा है, वहीं केंद्र सरकार और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस फीचर को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार का मानना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो इसका गलत इस्तेमाल कर साइबर ठगी और फर्जी पहचान के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
मेटा ने अफवाहों पर दी सफाई, सुरक्षित रहेंगे बड़े नाम
यूजरनेम फीचर को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का दावा था कि कोई भी व्यक्ति किसी मशहूर हस्ती या संस्था के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम पहले ही रिजर्व कर सकता है। इन दावों पर मेटा ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसी जानकारी पूरी तरह गलत है। कंपनी के अनुसार केवल संबंधित सेलिब्रिटी, सरकारी संस्था, मेटा वेरिफाइड अकाउंट या वास्तविक अकाउंट धारक ही ऐसे यूजरनेम पर दावा कर सकेंगे। इसके अलावा इन नामों से मिलते-जुलते कई अन्य यूजरनेम भी सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि कोई फर्जी पहचान बनाकर लोगों को भ्रमित न कर सके। कंपनी का कहना है कि इस फीचर का उद्देश्य केवल यूजर्स की निजता को बेहतर बनाना है।
सरकार ने जताई चिंता, साइबर फ्रॉड का बढ़ सकता है खतरा
केंद्र सरकार ने इस प्रस्तावित फीचर को लेकर मेटा को नोटिस भेजा है। सरकार का कहना है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हुई तो यूजरनेम के जरिए फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार ने मेटा से यह भी पूछा है कि यदि इस फीचर के कारण साइबर अपराध बढ़ते हैं तो उसकी जिम्मेदारी किस प्रकार तय की जाएगी। साथ ही भारत में इस फीचर को लागू करने से पहले विस्तृत चर्चा और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है। हाल ही में कुछ चर्चित लोगों ने दावा किया था कि उनके नाम या उनसे मिलते-जुलते यूजरनेम पहले से सुरक्षित कर लिए गए हैं, जिसके बाद यह विवाद और तेज हो गया।
फीचर में होंगे कई सुरक्षा इंतजाम, अभी नहीं हुआ लॉन्च
मेटा का कहना है कि यूजरनेम फीचर में कई स्तर की सुरक्षा दी जाएगी। किसी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। लगातार गलत यूजरनेम खोजने या अनुमान लगाने की कोशिशों को सिस्टम अपने आप ब्लॉक करेगा। इसके अलावा जब कोई अनजान व्यक्ति पहली बार यूजरनेम के जरिए संदेश भेजेगा, तब व्हाट्सएप यह भी बताएगा कि वह नया अकाउंट है या नहीं, क्या वह आपके कॉन्टैक्ट में मौजूद है, कोई साझा ग्रुप है या नहीं और वह किस देश से संदेश भेज रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर अभी लॉन्च नहीं हुआ है और इसे इस साल के अंत तक चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। साथ ही अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर की आवश्यकता पहले की तरह बनी रहेगी।
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