भारत से खेती सीखना चाहता है अफगानिस्तान, कृषि मंत्री ने जताई सहयोग की इच्छा
अफगानिस्तान के नए कृषि मंत्री मल्लावी अताउल्लाह ओमारी ने भारत के साथ कृषि क्षेत्र में व्यापक सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत से तकनीक और बीजों की मदद मिलने से अफगान किसानों की हालत सुधरेगी।
- Babli Ansari
- 11 Jul, 2026
अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मल्लावी अताउल्लाह ओमारी ने भारत के साथ कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक और प्रशिक्षण की जरूरत है। एक अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान उन्होंने भारत को कृषि क्षेत्र में अग्रणी देश बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान भारतीय अनुभव से काफी कुछ सीख सकता है।
बीज, तकनीक और प्रशिक्षण पर सहयोग की अपील
ओमारी ने कहा कि अफगानिस्तान की कृषि अभी भी बड़े पैमाने पर पारंपरिक तरीकों पर आधारित है। आधुनिक कृषि तकनीकों और गुणवत्तापूर्ण बीजों की कमी के कारण किसानों की उत्पादकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने भारत से उन्नत बीज, आधुनिक खेती की तकनीक और किसानों के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग की अपेक्षा जताई।
जलवायु परिवर्तन से बढ़ी चुनौतियां
अफगान कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी और लंबे समय से चली आ रही अस्थिरता के कारण देश का कृषि क्षेत्र गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है, लेकिन संसाधनों और तकनीकी सहायता की कमी के कारण उत्पादन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है।
दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावना
ओमारी ने सुझाव दिया कि भारत और अफगानिस्तान कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित कर सकते हैं। इसमें कृषि अनुसंधान, सिंचाई, बीज विकास, कृषि शिक्षा और किसानों के प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है। उनका मानना है कि इस तरह का सहयोग अफगानिस्तान की कृषि क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल भारत सरकार की ओर से किसी नए कृषि सहयोग कार्यक्रम या समझौता ज्ञापन (MoU) की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भविष्य में चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि कोई औपचारिक निर्णय लिया जाता है, तो उसकी जानकारी संबंधित सरकारी माध्यमों से जारी की जाएगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






