Apple ने Nvidia को पछाड़ फिर हासिल किया दुनिया की सबसे वैल्यूबल कंपनी का ताज, AI रेस में बदला निवेशकों का रुख

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Apple ने मार्केट कैपिटलाइजेशन में Nvidia को पीछे छोड़कर फिर दुनिया की सबसे वैल्यूबल कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का भरोसा अब AI के साथ मजबूत प्रोडक्ट इकोसिस्टम और दीर्घकालिक कमाई वाली कंपनियों पर भी बढ़ रहा है।

Apple ने एक बार फिर दुनिया की सबसे वैल्यूबल कंपनी बनने का मुकाम हासिल कर लिया है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में कंपनी ने Nvidia को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर वापसी की है। अप्रैल 2025 के बाद पहली बार Apple ने यह उपलब्धि हासिल की है। विशेषज्ञ इसे टेक इंडस्ट्री में बदलते निवेश रुझान का बड़ा संकेत मान रहे हैं। अब निवेशक केवल AI चिप्स बनाने वाली कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि मजबूत प्रोडक्ट, सर्विस इकोसिस्टम और लंबे समय तक स्थिर कमाई की क्षमता रखने वाली कंपनियों पर भी भरोसा जता रहे हैं।


Apple ने ऐसे बनाई नंबर-1 कंपनी की वापसी

रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को Apple का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर लगभग 4.88 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। वहीं Nvidia के शेयरों में करीब 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद उसका मार्केट कैप करीब 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया। इसी बदलाव के साथ Apple ने दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का ताज फिर अपने नाम कर लिया। पिछले कुछ वर्षों में AI सेक्टर में जबरदस्त उछाल के कारण Nvidia ने तेज़ी से बढ़त बनाई थी और जून 2025 से वह शीर्ष स्थान पर बनी हुई थी। लेकिन अब निवेशकों का फोकस AI के अगले चरण में बेहतर कमाई की संभावनाओं वाली कंपनियों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।


मजबूत इकोसिस्टम और AI रणनीति से Apple को मिला फायदा

Apple का बिजनेस मॉडल अन्य टेक कंपनियों से अलग माना जाता है। कंपनी AI चिप्स या बड़े डेटा सेंटर के बजाय अपने iPhone, Mac, iPad और सर्विस इकोसिस्टम पर अधिक ध्यान देती है। हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाओं का यह मजबूत नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। हाल ही में Apple ने AI-पावर्ड Siri के नए संस्करण की भी घोषणा की है, जिससे कंपनी को भविष्य में AI आधारित सेवाओं के क्षेत्र में और मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि Nvidia अभी भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है, क्योंकि दुनिया के अधिकांश जनरेटिव AI मॉडल और बड़े डेटा सेंटर उसके GPU पर निर्भर हैं। इसके बावजूद मौजूदा बदलाव यह संकेत देता है कि निवेशक अब AI के साथ-साथ मजबूत बिजनेस मॉडल और दीर्घकालिक विकास क्षमता को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।


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