ट्रम्प ने ईरान युद्ध पर जताई जल्द शांति की उम्मीद, यमन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल-ड्रोन हमले में 30 सैनिकों की मौत

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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन हूती हमले, होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। इसका असर तेल कीमतों और समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है।

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच राहत की उम्मीद दिखाई देने लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच चल रहा टकराव जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और उन्हें नहीं लगता कि यह संघर्ष अब ज्यादा लंबा चलेगा। हालांकि दूसरी ओर पश्चिम एशिया में हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। यमन में हूती विद्रोहियों के हमले तेज हो गए हैं, लेबनान में इजराइली सैनिकों की मौत हुई है और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नए विवाद ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है, जहां कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर वैश्विक व्यापार, समुद्री परिवहन और महंगाई पर भी पड़ सकता है।


बातचीत आगे बढ़ी, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने खुद बातचीत की पहल की है और दोनों देशों के बीच वार्ता में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि समझौता ईरान के हित में होगा और अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच खबरें हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते का मसौदा अंतिम चरण में पहुंच चुका है। हालांकि दूसरी ओर समुद्री मार्गों पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्तों से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दुनिया के प्रमुख शिपिंग संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पर टोल या अतिरिक्त शुल्क लगाया गया तो वैश्विक व्यापार महंगा होगा और महंगाई बढ़ सकती है।


हूती हमलों से बढ़ी चिंता, कई मोर्चों पर संघर्ष तेज

यमन में हूती विद्रोहियों ने सरकारी सेना के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से बड़े हमले किए, जिनमें 30 सैनिकों की मौत और कई अन्य घायल हो गए। विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी में सऊदी तेल टैंकर पर मिसाइल हमला करने का भी दावा किया है। सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में भी भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जहां राहत और दमकल टीमें आग बुझाने में जुटी हैं। वहीं दक्षिणी लेबनान में एक धमाके में दो इजराइली सैनिकों की मौत के बाद इजराइल ने जवाबी हवाई हमले किए। उधर, ईरान की संसद में ऐसा प्रस्ताव लाया गया है, जिसमें अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों की होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही पर रोक लगाने की बात कही गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो यमन में फिर से गृहयुद्ध भड़क सकता है और पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता और बढ़ सकती है।


तेल बाजार में उछाल, मोदी-नेतन्याहू ने भी की चर्चा

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड करीब 3.83 प्रतिशत की तेजी के साथ 82.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 77.29 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बातचीत कर पश्चिम एशिया के हालात और दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की। वैश्विक स्तर पर सभी की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता और क्षेत्र में तनाव कम होने की संभावनाओं पर टिकी हुई है।

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