गोह देखने छज्जे पर चढ़ीं 5 बच्चियां, अचानक भरभराकर गिरा छज्जा

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एटा में एक मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे पांच लड़कियां घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि वे बड़ी छिपकली देख बालकनी की ओर गई थीं, तभी हादसा हो गया।

एटा। एक घर का छज्जा अचानक ढह जाने से पांच लड़कियां घायल हो गईं। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ जब घर में बड़ी छिपकली दिखने के बाद कुछ लड़कियां उसे देखने के लिए बालकनी या छज्जे की तरफ गई थीं। उसी दौरान जर्जर हिस्से ने वजन नहीं संभाला और अचानक नीचे आ गिरा। आसपास मौजूद लोग तेज आवाज सुनकर दौड़े और तुरंत मलबा हटाने में जुट गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मकान पुराना था और लंबे समय से मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही थी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग घर की कमजोर संरचना को लेकर सतर्क हो गए हैं।


हादसा कैसे हुआ

सूत्रों के अनुसार, हादसे से कुछ ही पल पहले घर के भीतर बड़ी छिपकली दिखी थी, जिसे देखकर लड़कियां बालकनी की ओर पहुंचीं। बताया जा रहा है कि जैसे ही वे छज्जे पर गईं, पुराना हिस्सा अचानक टूट गया और पांचों नीचे या किनारे पर गिरकर घायल हो गईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन और पड़ोसी शोर सुनकर पहुंचे और किसी तरह लड़कियों को संभाला। घायल लड़कियों में किसी को सिर, हाथ या पैर में चोट लगी है, यह अलग-अलग स्तर पर बताया जा रहा है, लेकिन सभी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों ने घटना को बेहद चौंकाने वाला बताया और कहा कि अगर छज्जे की हालत पहले देख ली जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था।


पुरानी इमारतों की कमजोरी फिर बनी सवाल

यह घटना एक बार फिर पुराने मकानों और जर्जर छज्जों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। हाल के दिनों में दिल्ली, मुंबई और हापुड़ समेत कई शहरों में छज्जा या दीवार गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कहीं लोग बाल-बाल बचे तो कहीं घायल भी हुए। दिल्ली के दरियागंज और चांदनी महल इलाके में भी पुरानी इमारतों के हिस्से ढहने की खबरें आई थीं, जबकि महाराष्ट्र के विरार में एक ऑडिट के बाद पूरी इमारत को मरम्मत-योग्य नहीं माना गया। स्थानीय प्रशासन आम तौर पर ऐसे मामलों में ढांचागत जांच और खतरे वाले हिस्सों को घेरने की सलाह देता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि छोटे शहरों और कस्बों में जर्जर मकानों की निगरानी अक्सर कागजों तक सिमट जाती है।


इलाके में दहशत, परिवार की चिंता बढ़ी

घटना के बाद पीड़ित परिवार के घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई और पड़ोस में देर तक इस हादसे की चर्चा होती रही। परिजनों के मुताबिक लड़कियां दहशत में थीं और अचानक गिरे छज्जे के बाद घर के भीतर अफरातफरी फैल गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद आगे की जांच की सलाह दी है, जबकि स्थानीय लोग अब घर के बाकी हिस्सों को भी देखने की मांग कर रहे हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अगर प्रशासन समय रहते पुराने मकानों का सर्वे कराए और कमजोर हिस्सों पर चेतावनी लगाई जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस या प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है और हादसे की वास्तविक वजह की पड़ताल जारी है।

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