राखी बंधवाकर दिल्ली लौटे दो भाई, हापुड़ हादसे में दोनों की मौत, राखी की खुशियां मातम में बदलीं
- Babli Ansari
- 01 Sep, 2026
हापुड़। गंगा एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने बदायूं के चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। दिल्ली जा रही तेज रफ्तार थार आगे चल रहे ट्रक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर कई बार पलटी और सड़क किनारे जा गिरी। हादसा इतना जोरदार था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और भीतर सवार चार युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। मरने वालों में बदायूं जिले के अलग-अलग गांवों के युवक शामिल हैं, जो काम-धंधे की तलाश में दिल्ली जा रहे थे। घटना की खबर गांवों तक पहुंची तो घरों में चीख-पुकार मच गई और मातम का माहौल पसर गया।
तेज रफ्तार ने ली चार जान
जानकारी के मुताबिक हादसा सिंभावली थाना क्षेत्र में हुआ, जब दिल्ली नंबर की थार गाड़ी एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहे ट्रक के पीछे जा भिड़ी। टक्कर लगते ही वाहन का संतुलन बिगड़ा और वह बार-बार पलटती चली गई। पुलिस के अनुसार गाड़ी करीब पांच से छह बार उलटकर किनारे जा गिरी। मौके पर एक्सप्रेसवे कर्मियों और पुलिस ने घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान जोगेंद्र, सुखबीर, जसवंत और रवि के रूप में हुई है, जबकि एक नाबालिग या किशोर घायल बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सभी युवक दिल्ली में मजदूरी और छोटे-मोटे काम के लिए निकले थे।
काम की तलाश में निकले, लाश बनकर लौटे
बदायूं के गांवों में इस हादसे ने गहरा असर छोड़ा है। परिजनों के मुताबिक युवक घर-परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए दिल्ली जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही काल ने उन्हें घेर लिया। गांवों में जब एंबुलेंस और शवों के पहुंचने की सूचना आई तो आसपास के लोग पीड़ित परिवारों के घरों पर जुटने लगे। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और महिलाएं बदहवास हालत में रोती रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर की तरफ रोजाना बड़ी संख्या में युवा काम की तलाश में निकलते हैं, और तेज रफ्तार व लापरवाही उनके लिए बार-बार जानलेवा साबित हो रही है। हादसे के बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा सवालों के घेरे में
गंगा एक्सप्रेसवे पर यह हादसा ऐसे वक्त हुआ है जब हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। पुलिस का कहना है कि हादसे की शुरुआती वजह तेज रफ्तार और आगे चल रहे ट्रक से टक्कर मानी जा रही है। एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा तय है, लेकिन रात के समय कई वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर तेज रफ्तार दौड़ाते हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने भी मांग की है कि ऐसे मार्गों पर निगरानी और सख्त की जाए, ताकि मजदूरी या काम के लिए निकलने वाले युवक इस तरह सड़क पर अपनी जान न गंवाएं। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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