झांसी में भाई को राखी बांधने आई बहन को कार ने रौंदा

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झांसी में रक्षाबंधन के बाद खुशियां मातम में बदल गईं। तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े परिवार को टक्कर मार दी, जिसमें 24 वर्षीय गर्भवती पलक की इलाज के दौरान मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।

झांसी। रक्षाबंधन के बाद झांसी में एक परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंद दिया। हादसे में 24 वर्षीय पलक की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह तीन महीने की गर्भवती थी। घटना सोमवार शाम नवाबाद थाना क्षेत्र के जनक रेस्टोरेंट के पास हुई, जहां परिवार खाना खाने के बाद आइसक्रीम लेने बाहर निकला था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभालने की कोशिश की।


खाना खाने के बाद बाहर निकला परिवार, तभी बेकाबू कार ने मचाई तबाही

जानकारी के मुताबिक पलक अपने परिजनों के साथ रक्षाबंधन मनाने के बाद शाम को जनक रेस्टोरेंट पहुंची थी। परिवार के करीब 10 से 11 लोग वहां मौजूद थे। खाना खाने के बाद कुछ लोग सड़क किनारे आइसक्रीम लेने के लिए बाहर आए, तभी तेज रफ्तार कार नियंत्रण खो बैठी और सीधे लोगों के बीच जा घुसी। कार ने पहले ठेले और फिर वहां खड़े लोगों को टक्कर मारी। चश्मदीदों के मुताबिक टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई लोग सड़क पर गिर पड़े और आसपास के दुकानदार तथा राहगीर मदद के लिए दौड़े।

सूत्रों के अनुसार हादसे में 11 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पलक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के लिए यह दोहरी चोट की तरह रहा, क्योंकि रक्षाबंधन की यात्रा के कुछ ही घंटों बाद घर की एक गर्भवती बेटी हमेशा के लिए छिन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और कार चालक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। वाहन की रफ्तार और सड़क पर हुई लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।


रक्षाबंधन की भीड़ और तेज रफ्तार का खतरनाक मेल

झांसी शहर में त्योहार के बाद शाम के वक्त बाजार और खाने-पीने की जगहों पर भीड़ सामान्य से ज्यादा रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन अक्सर हादसों की बड़ी वजह बन जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क किनारे ठेला लगाने वालों और परिवारों की आवाजाही वाले इलाकों में ट्रैफिक कंट्रोल कमजोर दिखा, जिसका खामियाजा सीधे आम लोगों को भुगतना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से में वाहनों की स्पीड पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की मौजूदगी और सख्ती दोनों की जरूरत है।

पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि कार किसकी थी, चालक कौन था और हादसे के वक्त वह कितनी तेज रफ्तार में थी। घायल लोगों का इलाज जारी है और परिवार सदमे में है। रक्षाबंधन की शाम हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। जिस घर में त्योहार की मिठास होनी थी, वहां अब मातम पसरा है। परिजनों की आंखों में एक ही सवाल है—अगर सड़क पर रफ्तार पर लगाम होती, तो क्या पलक आज जिंदा होती।

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