ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चार मूर्ति अंडरपास का ट्रायल शुरू, पांच घंटे में गुजरे 14 हजार वाहन, 8 नवंबर तक चलेगा परीक्षण

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक पर बने अंडरपास का ट्रायल पांच नवंबर से शुरू हो गया। पहले पांच घंटे में 14 हजार वाहन गुजरे। करीब 99 करोड़ रुपये की लागत से बना अंडरपास आठ नवंबर तक परीक्षण के बाद जल्द खोला जाएगा।

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक पर बने पहले अंडरपास का ट्रायल गुरुवार, 5 नवंबर को सुबह छह बजे से शुरू हो गया। अंडरपास खुलते ही वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली और पहले पांच घंटे में करीब 14 हजार वाहन इससे होकर गुजरे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, ट्रायल आठ नवंबर की रात 10 बजे तक चलेगा। इस दौरान यातायात व्यवस्था की निगरानी की जाएगी और किसी तरह की परेशानी सामने आने पर उसे दूर कराया जाएगा। परीक्षण सफल रहने पर अंडरपास को वाहनों के लिए औपचारिक रूप से जल्द खोल दिया जाएगा। करीब 99 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह अंडरपास लगभग 720 मीटर लंबा है। इसका निर्माण 15 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था और 30 अक्टूबर 2026 को पूरा हो गया। खास बात यह है कि अंडरपास दिसंबर 2026 की निर्धारित समयसीमा से पहले ही बनकर तैयार हो गया है। इसके चालू होने से चार मूर्ति चौक पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही गौड़ सिटी और गाजियाबाद की ओर जाने वाले कई वाहन चालकों की दूरी करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक कम हो सकती है।


सुबह छह बजे खुला अंडरपास, 11 बजे तक गुजर गए 14 हजार वाहन

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पांच नवंबर की सुबह छह बजे चार मूर्ति अंडरपास को ट्रायल के लिए खोल दिया। इसके बाद सुबह 11 बजे तक करीब 14 हजार वाहन अंडरपास से होकर गुजरे। प्राधिकरण के अनुसार, चार मूर्ति चौक पर रोजाना लगभग 50 हजार वाहनों की आवाजाही का अनुमान है। ऐसे में अंडरपास के शुरू होने से इस व्यस्त चौराहे पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। गुरुवार को ट्रायल शुरू होने के बाद वाहन बिना चौराहे पर रुके अंडरपास से गुजरते नजर आए। इससे उन लोगों को राहत मिली, जिन्हें रोजाना चार मूर्ति चौक पर जाम का सामना करना पड़ता था। प्राधिकरण आठ नवंबर तक वाहनों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था पर नजर रखेगा। परीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।


गाजियाबाद जाने वाले वाहन चालकों की दो किलोमीटर तक दूरी होगी कम

चार मूर्ति अंडरपास का निर्माण 60 मीटर चौड़ी सड़क के समानांतर किया गया है। इसके चालू होने से 130 मीटर और 60 मीटर चौड़ी सड़कों से गौड़ सिटी तथा तिगड़ी गोलचक्कर होते हुए गाजियाबाद की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी। पहले इन वाहन चालकों को हिंडन पार करके यू-टर्न लेना पड़ता था और फिर वापस आना होता था। इससे अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी और ईंधन भी ज्यादा खर्च होता था। प्राधिकरण के मुताबिक, अंडरपास के इस्तेमाल से ऐसे वाहन चालकों की यात्रा करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे सफर में लगने वाला समय घटने के साथ ईंधन की बचत होने की भी उम्मीद है। जाम में वाहनों के कम फंसने से प्रदूषण घटाने में भी मदद मिल सकती है।


ईंधन की बचत से सालाना 35 करोड़ रुपये का लाभ होने का अनुमान

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने चार मूर्ति अंडरपास से होने वाली ईंधन की बचत का भी अनुमान लगाया है। प्राधिकरण के अनुसार, इस चौराहे से प्रतिदिन लगभग 50 हजार वाहन गुजरते हैं। अंडरपास के कारण वाहनों को कम दूरी तय करनी पड़ेगी और जाम में भी कम समय बिताना होगा। प्राधिकरण का अनुमान है कि इन वाहनों के ईंधन की कुल बचत को जोड़ने पर सालाना करीब 35 करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है। हालांकि, यह अनुमानित आंकड़ा है और वास्तविक बचत वाहनों की संख्या, यात्रा की दूरी तथा यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगी। प्राधिकरण का कहना है कि अंडरपास से यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ लोगों के समय और पैसे की बचत होगी। इसके अलावा चार मूर्ति चौक के आसपास वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।


99 करोड़ रुपये में तैयार हुआ 720 मीटर लंबा अंडरपास

चार मूर्ति चौक पर बने अंडरपास की लंबाई लगभग 720 मीटर है और इसके निर्माण पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। निर्माण कार्य 15 फरवरी 2025 को शुरू किया गया था, जिसे 30 अक्टूबर 2026 को पूरा कर लिया गया। प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्माण निर्धारित समय से पहले ही समाप्त हो गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने निर्माण कार्य के दौरान सहयोग देने के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों का आभार जताया है। उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सराहना की। सीईओ ने कहा कि ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जहां भी यातायात संबंधी समस्याएं हैं, उनके समाधान के लिए लगातार काम कराया जाएगा।


एसीईओ ने किया निरीक्षण, ट्रायल सफल होने पर जल्द खुलेगा अंडरपास

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुमित यादव ने चार मूर्ति अंडरपास और उसके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आठ नवंबर की रात 10 बजे तक अंडरपास का ट्रायल जारी रहेगा। इस अवधि में वाहनों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की समस्या सामने आती है, तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा। ट्रायल सफल रहने के बाद अंडरपास को वाहनों के लिए स्थायी रूप से जल्द खोलने की तैयारी है। प्राधिकरण का प्रयास है कि चार मूर्ति चौक से गुजरने वाले लोगों को जाम से राहत मिले और ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गाजियाबाद की ओर आवागमन पहले से आसान हो सके।

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