पुष्पा स्टाइल में गांजा तस्करी; 40 लाख के उच्च क्वालिटी माल के साथ गिरोह को पुलिस ने दबोचा, जानिए कौन सरगना?

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पकड़े गए आरोपी उड़ीसा और आंध्रप्रदेश से अवैध गांजे को सस्ते दामों पर खरीदकर नोएडा एनसीआर क्षेत्र में महंगे दामों पर बेचते थे।

Greater Noida: जिस तरह ‘पुष्पा’ फिल्म में लाल चंदन की तस्करी के लिए अनोखा तरीका अपनाया जाता है. कुछ इसी तरह ग्रेटर नोएडा का एक गिरोह गांजे की तस्करी कर रहा था। गांजा छिपाने के लिए कैंटर विशेष जगह बना रखी थी। इस गिरोह का बादलपुर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 40 लाख रुपए अवैध गांजा बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी उड़ीसा और आंध्रप्रदेश से अवैध गांजे को सस्ते दामों पर खरीदकर नोएडा एनसीआर क्षेत्र में महंगे दामों पर बेचते थे।


कंटेनर के नीचे अलग बॉक्स बनाकर लाते थे गांजा

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि रविवार को सीआरटी टीम व थाना बादलपुर पुलिस द्वारा लोकल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर गांजा की तस्करी करने वाले गिरोह के इनामुलहक पुत्र जमील, शहनवाज पुत्र इसराइल और  नोमान पुत्र फकरे आलम को अम्बुजा कम्पनी के पास से गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी ने बताया कि पूछताछ करने पर पता चला कि गैंग का सरगना इनामुलहक है। इनामुलहक पहले भी इसी तरह के अपराध मे जेल जा चुका है, कुछ समय पहले हीसे छूटा है। जेल से छूटने के बाद एक संगठन बनाकर समान को ढोने वाली गाड़ियों के माध्यम से अवैध गांजा छुपाकर जगह जगह सप्लाई करता है।  इनामुलहक ने बताया कि गांजा तनकू, उडीसा व आन्ध्रप्रदेश, बिहार बार्डर से लाता है। कंटेनर में नीचे एक लोहे का अलग से बाक्स बना रखा है, जिसमे गांजा भर लेते है, जिससे की जल्दी से कोई पकड़ नहीं पाता है।


विशेष रूप से तैयार करते हैं गाजा

इनामुलहक ने बताया कि यह गांजा उच्च क्वालिटी का है, जिसे कई महीनों तक सुखाकर दबा कर चप्पड़ों के रूप विकसित करने के बाजार में बेचने के लिये लेकर निकलते हैं। उड़ीसा और आन्ध्रप्रदेश के इलाको और  पर्वतीय क्षेत्रों में पाये जाने वाले विशेष पत्तियों को बार-बार उलट पलट कर सुखाकर दबाकर एवं उसमे एक विशेष रासायनिक परिवर्तन कर तैयार कराया जाता है कि जिससे कि इसकी मादक क्षमता कई गुना बढ जाती है। इसलिये इसकी माँग अधिक होने के कारण इसकी कीमत भी सामान्य गांजे से कई गुना अधिक हो जाती है।


30 हजार रुपये किलो में बेचते थे

गैंग के मास्टरमाइंड ने बताया कि विशेष गाँजे की विशेष मादकता के कारण इसकी कीमत करीब 25-30 हजार रूपये प्रति किलोग्राम है। दादरी में सलमान नाम के व्यक्ति को माल देता हूं। बरामद गांजे की बाजार कीमत लगभग चालीस लाख रूपये है। पूर्व में ट्रेन से मादक पदार्थों की तस्करी करता रहा है, जिसके कारण वह ज्यादा माल नहीं ला पाता था। इसलिए कन्टेनर से मादक पदार्थ की तस्करी शुरू की ताकि ज्यादा मात्रा मे मादक पदार्थ को लाया जा सके और मुनाफा बढाया जा सके। गांजे की तस्करी पिछले करीब 5 वर्षों से किया जा रहा है। डीसीपी ने बताया कि इनामुलहक नागपुर (महाराष्ट्र) में भी यह मादक पदार्थ की तस्करी मे गिरफ्तार हुआ है। नागपुर पुलिस से सम्पर्क कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा गिरफ्तार करने वाली टीम को 25000 का पुरस्कार इनाम देने की घोषणा की है।

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