CM Yogi: ऐसे ही नहीं CM योगी बने गरीबों के मसीहा, 43 दिनों में ही खोल दिया करोड़ों का सरकारी खजाना, यकीन नहीं तो आंकड़े देखिये
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की एक ऐसी किरण बनकर उभरे हैं, जो हर पीड़ित को राहत और सहायता का भरोसा देती है।
- Rishabh Chhabra
- 17 May, 2025
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की एक ऐसी किरण बनकर उभरे हैं, जो हर पीड़ित को राहत और सहायता का भरोसा देती है। बीते 43 दिनों में मुख्यमंत्री योगी ने न केवल जनता की समस्याएं सुनीं, बल्कि 8180 जरूरतमंदों को 1.53 अरब रुपये की आर्थिक सहायता देकर अपनी संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासनिक शैली का परिचय भी दिया है।
जनता दर्शन बना राहत का माध्यम
सीएम योगी नियमित रूप से लखनऊ स्थित सीएम आवास और गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन का आयोजन करते हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं और सीएम से सहायता की गुहार लगाते हैं। योगी आदित्यनाथ स्वयं हर व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश देते हैं।
बीमारों को मिली बड़ी राहत
सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन मरीजों को मिला है जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। बीते 43 दिनों में कैंसर के 875 मरीजों को 21.23 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, वहीं किडनी के 246 मरीजों को इलाज के लिए मदद पहुंचाई गई। हृदय रोग से पीड़ित 98 लोगों को भी 1.46 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई।
नई वित्तीय वर्ष में तेजी से राहत
1 अप्रैल से 13 मई के बीच नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लेकर अभी तक कुल 1.53 अरब रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। ये मदद केवल बीमारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अन्य जरूरतमंदों, पीड़ित परिवारों और जनप्रतिनिधियों की संस्तुति पर आए प्रार्थना पत्रों पर भी कार्रवाई की गई।
हर प्रार्थना पत्र का मिला जवाब
जनता दर्शन कार्यक्रम में आए प्रत्येक व्यक्ति को न केवल सहायता दी गई, बल्कि उन्हें विश्वास भी दिलाया गया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। योगी सरकार की यह पहल दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश में अब शासन व्यवस्था आमजन के हित में कार्य कर रही है, जहां किसी भी पीड़ित को खाली हाथ नहीं लौटाया जाता।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
हाल ही में गोरखपुर में हुए जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्याओं का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उन्होंने फीडबैक लेने की व्यवस्था भी लागू करने को कहा है, ताकि समाधान की गुणवत्ता परखने का एक ठोस ढांचा तैयार हो सके।
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह प्रयास उनकी संवेदनशीलता, कार्यकुशलता और जनता के प्रति समर्पण को दर्शाता है। वह न केवल समस्याएं सुनते हैं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान भी कराते हैं।
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