भोला रावल के प्राचीन मंदिर और तालाब का होगा जीर्णोद्धार, रंग बिरंगी लाइट, फव्वारा और बोटिंग की सुविधा होगी

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एसीईओ प्रेरणा सिंह ने गांव का भ्रमण कर दिए निर्देश

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के भोला रावल गांव के तालाब और मंदिर को  पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना विकास प्राधिकरण ने बनाई  है। इसको लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बृहस्पतिवार को  भोला रावल गांव पहुंची। प्रेरणा सिंह ने भोला रावल के प्राचीन मंदिर और तालाब के जीर्णोद्धार करने के निर्देश दिए। इसे टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। 

एसीईओ प्रेरणा सिंह ने कई गांवों का दौरा कर किया निरीक्षण
इसकेप हले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने गांव भनौता, 60 मीटर रोड और भोला रावल गांव का दौरा किया। एसीईओ ने भनौता गांव में श्मशान घाट के निर्माण का जायजा लिया। उन्होंने श्मशान घाट में शेड भी लगाने के निर्देश दिए। गांव के अन्य विकास कार्यों का भी जायजा लिया। इसके बाद एसीईओ ने ईकोटेक 16 में प्रस्तावित 80 मीटर रोड, 60 और 24 मीटर चौड़ी रोड का निरीक्षण किया। इन सड़कों को बनाने के लिए प्राधिकरण के सीईओ की स्वीकृति हो गई है। फिलहाल जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है। एसीईओ के भ्रमण के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव, प्रबंधक स्वतंत्र कुमार, सहायक प्रबंधक नरेश गुप्ता सहित वर्क सर्किल दो का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

रंग बिरंगी लाइट, फव्वारा और बोटिंग की सुविधा होगी
बता दें कि भोला रावल गांव ग्रेटर नोएडा वेस्ट के आवासीय सेक्टर-10 और 12 से सटा हुआ है। दो हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैले तालाब  की साफ सफाई का काम पहले ही किया जा चुका है। अब तालाब के चारों तरफ फुटपाथ, हरित क्षेत्र, झोपड़ी, रंग बिरंगी लाइट, फव्वारा और बोटिंग की सुविधा होगी।  यहां आने वाले लोग ग्रामीण दृश्य और प्राकृतिक सुंदरता के साथ रंग बिरंगी लाइट में बोटिंग का आनंद ले सकेंगे।

भोला रावल का मंदिर आस्था का केंद्र
भोला रावल गांव का मंदिर वर्षों से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा अब जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी थी। मंदिर की दीवारें टूट चुकी थीं, तालाब गंदगी और अनदेखी से ढक चुका था। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, इस मंदिर में कभी वार्षिक मेले और धार्मिक आयोजन होते थे, जो धीरे-धीरे खत्म हो गए। लेकिन अब, प्राधिकरण की पहल ने इस धरोहर को नया जीवन देने का काम शुरू कर दिया है।  मंदिर के बगल में स्थित यह तालाब न सिर्फ जल स्रोत था, बल्कि धार्मिक नहाने और त्यौहारों पर विशेष स्नान के लिए इस्तेमाल होता था। 

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