COVID-19: फिर से डरा रहा कोरोना वायरस! देश में एक्टिव केस 3300 के पार, 8 राज्यों में 100 से अधिक मरीज

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भारत में फिर से कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ओमिक्रॉन के नए सब-वेरिएंट JN.1 के फैलने से स्थिति गंभीर होती नजर आ रही है।

भारत में फिर से कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ओमिक्रॉन के नए सब-वेरिएंट JN.1 के फैलने से स्थिति गंभीर होती नजर आ रही है। कई राज्यों में 100 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं, खासकर केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली। सरकारें अलर्ट हैं और लोगों को मास्क पहनने, हाथ धोने और वैक्सीन की बूस्टर डोज़ लगवाने की सलाह दे रही हैं। मौत के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं, जिससे सावधानी बरतना जरूरी हो गई है। 

8 राज्यों में स्थिति चिंताजनक

स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के 8 राज्यों में 100 से अधिक सक्रिय कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं। सबसे ज्यादा मामले केरल (1336) में हैं, जो कुल मामलों का लगभग 40% हैं। इसके बाद महाराष्ट्र (467), दिल्ली (375), गुजरात (265), पश्चिम बंगाल (205), तमिलनाडु (185), कर्नाटक (234) और उत्तर प्रदेश (117) में मामले सामने आए हैं।

JN.1 वैरिएंट बना चुनौती

विशेषज्ञों के मुताबिक, ओमिक्रॉन का नया सब-वेरिएंट JN.1 पहले के वायरस की अपेक्षा ज्यादा तेजी से फैलता है। इसकी शुरुआत केरल से हुई थी, लेकिन अब यह अन्य राज्यों में भी फैल गया है। इससे संक्रमण की दर बढ़ी है, हालांकि अधिकतर मरीजों में लक्षण हल्के ही देखे गए हैं। 

मौतों का आंकड़ा बढ़ा

पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना वायरस संक्रमण से चार और मौतें हुईं। एक दिन पहले सात मौतें हुई थीं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और केरल में एक-एक मौत हुई। 1 जनवरी, 2025 से भारत में कोविड-19 से संबंधित 26 मौतें हुई हैं। देशभर में 1435 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी भी मिल गई है। लगातार बढ़ रहे मौत के आंकड़े चिंता पैदा कर रहे हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में कोरोना वायरस को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ-साथ कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल के पालन का भी निर्देश दिया गया है।

कर्नाटक सरकार की एडवाइजरी

कर्नाटक सरकार ने स्कूल जाने वाले बच्चों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अगर किसी बच्चे में बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण हों तो उसे स्कूल न भेजें। स्कूल प्रशासन को ऐसे बच्चों को वापस भेजने और अभिभावकों को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अगर बच्चे बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य लक्षणों के साथ स्कूल आते हैं, तो उनके माता-पिता को सूचित करें और घर वापस भेज दें। विभाग ने कहा कि अगर स्कूल के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में ये लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें उचित एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी जानी चाहिए।

कैसे बचे आम लोग? 

मास्क पहनें और भीड़भाड़ से बचें

हाथ धोने की आदत बनाए रखें

हल्के लक्षणों को भी नजरअंदाज न करें

वैक्सीन की बूस्टर डोज समय पर लगवाएं

केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार

बढ़ते कोविड-19 मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य और आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

सरकार पूरी तरह सतर्क

केंद्रीय स्वास्थ्य और आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा है कि केंद्र सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। ऑक्सीजन प्लांट, ICU बेड, दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की जा चुकी है। हमारी स्वास्थ्य प्रणालियां पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी उभरती स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।

मंत्री ने बताया कि केंद्र ने राज्य स्तरीय स्वास्थ्य सचिवों, आयुष सचिवों और संबंधित मंत्रियों से भी बातचीत की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।

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