नोएडा में 120 सोसाइटी के लोगों ने की महापंचायत, फ्लैट की रजिस्ट्री न होने से प्राधिकरण खिलाफ किया प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी

top-news
नोएडा में 120 सोसाइटी के लोगों ने की महापंचायत, फ्लैट की रजिस्ट्री न होने से प्राधिकरण खिलाफ किया प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी

 Noida: नोएडा के सेक्टर 77 में अलग-अलग सोसायटी के निवासियों ने महापंचायत की। 120 से ज्यादा सोसायटी के निवासियों ने महापंचायत में हिस्सा लिया। सोसइटी के लोगों ने बिल्डरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आज तक बायर्स को नहीं मालिकाना हक नहीं मिला। जिसके चलते अलग-अलग सोसायटी में रहने वाले निवासियों को रजिस्ट्री न होने के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


पांच सौ से अधिक लोग महापंचयत में शामिल हुए

बता दें कि रविवार को आज 7x और 168,137, 141 Sector की 120 सोसायटियों के 500 से अधिक निवासियों  ने अपने फ्लैटों की रजिस्ट्री की बिना शर्त एकमात्र मांग के साथ सेक्टर 77 स्थित संघर्ष पार्क में महापंचायत की। जिसमें एकमत से ये संदेश दिया की प्राधिकरण को बिल्डर से जमीन का बकाया वसूलना है। खरीदारों की इस वसूली में कोई भूमिका नहीं है। इस वसूली के लिए खरीदारों की रजिस्टरी रोक कर उनको बंधक का कोई औचित्य नहीं है।


मालिकाना हक के लिए रखेंगे उपवास, सांसद और विधायक को दिखाएंगे काले झंडे

महापंचायत ने ये मांग की गई कि मूल अमिताभ कांत समिति की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से लागू किया जाए, जो भूमि की बकाया वसूली को रजिस्ट्रियों से अलग करती है। यूपी सरकार द्वारा 21.12.23 के संशोधित सरकारी आदेश ने खरीदारों के पक्ष में सभी बिंदुओं को कमजोर कर दिया है। जबकि 2014 से फ्लैट खरीदार परेशान हैं।

महापंचायत में ऐलान किया गया कि सोई हुई सरकार को जगाने के लिए 9 फरवरी और 23 फरवरी को फ्लैट बायर्स अपनी घरों की बालकनी से शंख और थाली बजा के योगी आदित्यनाथजी जगन का आव्हान करेंगे तद पश्चात्य मार्च में रिले उपवास का रखेंगे।  सांसद और विधायक महोदय के 26 जनवरी के सोसाइटियों समारोहों में उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे।


सीएम योगी से हस्तक्षेप की मांग

सोसाइटी के लोगों ने कहा कि सांसद महेश शर्मा और विधायक के साथ हमारी अबतक की बैठकें निरर्थक रही हैं, जिन्होंने केवल वादे और आश्वासन दिए हैं और जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं किया है।  यहां तक ​​कि सीईओ नोएडा प्राधिकरण के साथ संयुक्त बैठक भी नहीं की है। केवल एक ही उम्मीद है और वह है सीएम योगी आदित्यनाथ से, जो इस मुद्दे को हल करने के लिए सरकारी आदेश पारित कर सकते हैं। इस मुद्दे पर सीएमओ, पीएमओ, सीईओ, शहरी मामलों के मंत्रालय को ट्वीट कर रहे हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *