Meerut: राजस्थान से ऑपरेशन, कर्नाटक में ठिकाना और पूरे देश को चूना! STF ने तोड़ा गिरोह का नेटवर्क

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े GST चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े GST चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह फर्जी ई-वे बिल बनाकर सरकार को अब तक करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है। STF मेरठ यूनिट की टीम ने इस गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से नकली बिल बुक और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

फर्जी आधार कार्ड बनवाकर करते थे ई-वे बिल जनरेट

इस गैंग का तरीका बहुत ही शातिर था। वे फर्जी आधार कार्ड बनवाते थे और उनकी मदद से ई-वे बिल जनरेट करते थे। ई-वे बिल वह दस्तावेज होता है जो किसी भी माल को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने के लिए जरूरी होता है। लेकिन ये लोग असली सामान भेजे बिना ही बिल बनाकर टैक्स चोरी कर रहे थे। इन बिलों की मदद से ये गिरोह न केवल टैक्स बचा रहा था, बल्कि दूसरी फर्जी कंपनियों को भी इस्तेमाल कर GST क्लेम करने में मदद करता था। इससे सरकार को कई करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है।

एक राज्य के अपराधी दूसरे राज्य में रहकर लगा रहे थे चूना 

इस फर्जीवाड़े की कमान राजस्थान के रहने वाले कुछ शातिर अपराधियों के हाथ में थी, लेकिन वे लोग कर्नाटक में बैठकर पूरा गैंग चला रहे थे। यानी एक राज्य के अपराधी दूसरे राज्य में रहकर पूरे देश को चूना लगा रहे थे। STF ने छानबीन के बाद गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि इस गैंग के देशभर में कई नेटवर्क हैं, जो फर्जी कंपनियों और बोगस दस्तावेजों के जरिए कारोबार कर रहे हैं।

STF ने अपराधियों के पास से बरामद किया ये सामान

इन अपराधियों के पास से गिरफ्तारी के बाद STF ने आधा दर्जन फर्जी बिल बुक, कई फर्जी आधार कार्ड, कंप्यूटर और प्रिंटर, फर्जी कंपनियों की मुहरें और दस्तावेज बरामद किए हैं। ये सभी सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि गिरोह लंबे समय से फर्जी तरीके से कारोबार कर रहा था और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा था।

गैंग के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में लगी STF

STF की टीम अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं? इसके साथ ही कितनी फर्जी कंपनियों के नाम पर E-वे बिल जनरेट किए गए? और कितना बड़ा आर्थिक नुकसान सरकार को हुआ है?

इसके अलावा STF अन्य राज्यों की पुलिस और GST विभाग के साथ भी जानकारी साझा कर रही है, ताकि इस गैंग के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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