थूक-मूत्र जिहादी गैंग के सदस्य 90 फीसदी बना रहे कावड़, शिव भक्त इनसे न खरीदेंः स्वामी यशवीर महाराज

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कावड़ पहले ही थूक-मूत्र लगाकर खंडित कर दी गई है, यशवीर

आज से श्रावण मास का पवित्र महीना आरंभ हो गया है। गंगाजल लेकर आ रहे शिव भक्त कावड़ियों का रेला हरिद्वार से लेकर मुजफ्फरनगर तक की सड़कों पर दिखने लगा है। वहीं, योग साधना आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज कावड़ यात्रा में अपने अभियान को लेकर चर्चाओं में है। वह, कावड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले ढाबा और रेस्टोरेंट पर भगवान वराह के चित्र लगवा रहे हैं। जिससे पता लग सके यह दुकान हिंदू की है और शिव भक्तों को इन ढाबों पर रुकने और खाना खाने के लिए सोचा न पड़े। यशवीर महाराज का कहना है यह अब एक क्रांति है जो पूरे देश में फैलेगी। किसी को भी सनातन धर्म से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।


थूक-मूत्र जिहादी गैंग बना रहे कांवड़

स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि हरिद्वार में थूक-मूत्र जिहादी गैंग के 90% लोग कावड़ बनाते हैं। इसलिए कावड़ लाने वाले शिव भक्त कोई भी हरिद्वार से कावड़ न खरीदे। क्योंकि कावड़ पहले ही थूक-मूत्र लगाकर खंडित कर दी गई है। हरिद्वार से कावड़ खरीद कर जल कावड़ लाने पर कावड़ नहीं लगेगी। उल्टा यह कार्य पाप की श्रेणी में आएगा। इससे अच्छा तो यह है डंडे में दो कावड़ लोटा या कान लेकर चलें। जिससे कावड़ पर पवित्र भी होगी और जलाभिषेक भी लगेगा। अन्यथा मुस्लिम लोगों के हाथ से बनी कावड़ के कोई मायने नही खंडित कावड़ है।


कावड़ बनाने वालों को फतवा जारी क्यों नहीं किया

स्वामी यशवीर महाराज ने दारुल उलूम देवबंद मदरसे के फतवा विभाग को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब मूर्ति पूजा करना, मूर्ति पूजा का सामान बेचना इस्लाम मजहब में नाजायज है तो कावड़ बनाना हमारी मूर्ति पूजा का अंग है। उनको कवर बनाने का अधिकार किसने दिया। आप बताएं और नहीं दिया आपने तो इस्लाम मजहब के खिलाफ कावड़ बनाकर के नाजायज काम क्यों कर रहे हैं। दारुल उलूम मदरसे देवबंद के फतवा विभाग ने अब तक उनके खिलाफ फतवा क्यों नहीं जारी किया। उनको इस्लाम से खारिज क्यों नहीं किया।

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