बांग्लादेश से आकर आगरा में बसा ली थी बस्ती, फर्जी आधार कार्ड और पैनकार्ड भी था, 18 को मिली कठोर सजा

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आगरा में बांग्लादेशी

AGRA:  अवैध रूप से आगरा में रहने वाले 18 बांग्लादेशियों को सीजेएम कोर्ट ने दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। सभी 18 बांग्लादेशियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी राजेश कुमार ने कोर्ट में तर्क दिए कि बांग्लादेशी धोखाधड़ी से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर निवास कर रहे थे, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।


2023 में पकड़े गए थे 28 बांग्लादेशी

बता दें कि 2023 में सिकंदरा थाना में सब इंस्पेक्टर ने गौरव कटियार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि खुफिया विभाग की सूचना पर पांच फरवरी 2023 को बांग्लादेशियों को आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 14 से गिरफ्तार किया था। इन सभी के कब्जे से फर्जी और कूटरचित 35 आधार कार्ड व एक पैन कार्ड बरामद हुए थे। पुलिस ने थाना पर 28 बांग्लादेशियों के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं एवं विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए सभी को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। विवेचक ने अहम साक्ष्य जुटा आरोपियों के खिलाफ 31 मार्च 2023 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए थे।


10 बांग्लादेशियों का मामला विचाराधीन

हसन, जूली, सूमी, फातिमा बेगम, विश्ती, जुएल शेख, फारुख, रविउल शेख, बबलू खान, साबिर, ब्यूटी, रौशोनारा, विलाल, हालिम, इस्लाम खान, मोविना, मनीरुल शेख, जोशिना खातून को सजा हुई है। जबकि 10 बांग्लादेशियों का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।


बसा रखी थी पूरी बस्ती, झोपड़ी में थी सभी सुविधाएं

बता दें कि आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 14 में बांग्लादेशी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सूचना पर आगरा पुलिस ने खुलासा करते हुए 28 लोग पकड़े गए थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। बांग्लादेशियों की झोंपड़ी में बिजली मीटर लगे थे। इतना ही नहीं फ्रिज, वॉशिंग मशीन और डिश केबिल का कनेक्शन भी था। इसके पहले स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया था। 2023 में पहली बार बांग्लादेशियों की बस्ती रुनकता में पकड़ी गई थी, जो कबाड़ का काम करते थे। सभी ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था।

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