नोएडा के गांव भी शहर की तरह चमकेंगे, माडल रूप में होंगे विकसित, ये सुविधाएं दी जाएंगी
नोएडा के गांव होंगे माडल विकास के तहत सुधारित, सीवर और जल आपूर्ति सिस्टम होंगे अलग
- Shiv Kumar
- 26 Sep, 2025
Noida: गौतमबुद्ध नगर के के कई गांवों की पहचान अब गंदगी, बजबजाती नालियों और कचरे के ढेर से हो गई है। हालात इतने दयनीय हैं कि सड़क-गलियों में सीवर का गंदा पानी भर जाता है और गंदगी हर तरफ फैली रहती है। इस स्थिति को बदलने और गांवों को शहरी विकास के अनुरूप ढालने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अब कदम उठाना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने निर्णय लिया है कि शहर के विकास में योगदान देने वाले 81 गांवों को माडल रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है और शहरी गांवों में सुनियोजित विकास का खाका तैयार किया गया है।
चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा गांवों का विकास
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, प्रतिवर्ष गांवों के विकास पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए अब गांवों के विकास को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। गांवों में अनियोजित विकास के कारण संकरी गलियों और सड़कों में नई सीवर लाइन बिछाना संभव नहीं है। ऐसे में प्रत्येक गांव का अपना सीवरेज पंपिंग स्टेशन (SPS) बनाया जाएगा। इससे गंदा पानी जमा नहीं होगा और संपवेल के माध्यम से यह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तक जाएगा।
प्रत्येक गांव में बनेगा भूमिगत जलाशय
जल आपूर्ति के लिए भी प्रत्येक गांव का अलग भूमिगत जलाशय (UGR) बनाया जाएगा। इसे सेक्टरों और सोसायटी के सिस्टम से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। इससे गांवों के लिए नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। भविष्य में प्राधिकरण सेक्टर और सोसायटी में जल बिल मीटर के हिसाब से वसूल करेगा और सीवर के लिए 25 प्रतिशत शुल्क लागू किया जाएगा।
प्रथम चरण में शामिल गांव
इस योजना के पहले चरण में 15 से 17 गांवों को शामिल किया गया है, जिनकी स्थिति सबसे दयनीय है। इनमें हरौला, भंगेल, झुंडपुरा, मोरना, छिजारसी, सोहरखा, सलारपुर, मामूरा, सदरपुर, गढ़ी शहदरा, अट्टा, नया बास, वाजितपुर, छलेरा, बसई और सर्फाबाद शामिल हैं। गौरतलब है कि करीब 15 साल पहले प्राधिकरण ने गिझोड़, निठारी और बरौला गांव में अलग-अलग UGR बनवाए थे, लेकिन यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद गांव और सेक्टर में एक ही UGR से पानी सप्लाई होने लगी, जिससे सीवर ओवर फ्लो और पानी की कमी जैसी समस्याएं बढ़ गईं।
सीवर पंपिंग स्टेशन अनिवार्य
नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि कई गांवों में और जुड़े सेक्टरों में एक ही UGR से पानी सप्लाई हो रहा है। इससे कभी गांव को पर्याप्त पानी नहीं मिलता तो कभी सेक्टर को। इसी तरह सीवर लाइन ओवर फ्लो की समस्या भी बढ़ रही है। आबादी में तेजी से वृद्धि के कारण अब अलग UGR और सीवर पंपिंग स्टेशन की आवश्यकता अनिवार्य हो गई है।
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