नोए़डा के बिल्डरों की मनमानी पर लगाम, प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिया गया ये बड़ा फैसला

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बिल्डरों की मनमानी पर लगाम, बोर्ड बैठक में बड़ा फैसला

Noida: फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री लटकाने वाले बिल्डरों पर अब प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई है। शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण की 219वीं बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि शासनादेश की तिथि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी और बकाया वसूली नियमानुसार की जाएगी। गौर है कि अमिताभ कांत कमेटी की सिफारिशों पर 21 दिसंबर 2023 को शासनादेश जारी किया गया था। इसमें बिल्डरों की बकाया राशि का पुनर्गणना कर 25-25 प्रतिशत की चार किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई थी। इसके बाद फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता खोल दिया गया। हालांकि, अधिकांश बिल्डरों ने इसका पालन नहीं किया। बोर्ड चेयरमैन ने इसे शासनादेश के प्रतिकूल मानते हुए साफ किया कि अब किसी भी तरह की तारीख में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।

बोर्ड बैठक में शामिल रहे अधिकारी
सेक्टर-6 स्थित प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्राधिकरण चेयरमैन दीपक कुमार ने की। बैठक में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, ग्रेटर नोएडा सीईओ रविकुमार एनजी, यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण सीईओ राकेश कुमार सिंह, नोएडा प्राधिकरण सीईओ डॉ. लोकेश एम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में 37 पूरक और 5 अनुपूरक प्रस्ताव रखे गए, जिनमें 8 प्रस्ताव पास किए गए, जबकि शेष प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए। शासन स्तर से इन पर 7 से 8 दिन में निर्णय होगा।

57 परियोजनाओं में केवल 35 ने उठाया लाभ
सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया कि शासनादेश के बाद 57 बिल्डर परियोजनाओं में से केवल 35 ने पहली किस्त जमा कराई। इसके बाद प्राधिकरण ने 5536 फ्लैटों की रजिस्ट्री की अनुमति दी। लेकिन अब तक केवल 3724 फ्लैटों की ही रजिस्ट्री हो पाई है। 12 बिल्डरों ने तो एनजीटी का लाभ भी ले लिया, लेकिन बकाया राशि नहीं चुकाई। कुल मिलाकर लगभग 60 प्रतिशत डेवलपर्स ने ही शासनादेश का लाभ उठाया।

शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नई योजना
बैठक में निर्णय लिया गया कि यूनिफाइड रेगुलेशन-2025 को शामिल कर संस्थागत विभाग की ओर से कॉलेज, सीनियर सेकेंडरी स्कूल और नर्सिंग होम के लिए भूखंड योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए ब्रोशर को भी पास कर दिया गया है।

जिन बिल्डरों पर कार्रवाई तय
10 बिल्डर परियोजनाएं: सहमति देने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं कराई
13 बिल्डर परियोजनाएं: आंशिक राशि जमा की
35 बिल्डर: 25% भुगतान के बाद अन्य किस्त नहीं दी, नोटिस मिलने के बाद भी चुप

29 सितंबर 2025 तक की स्थिति
कुल बिल्डर परियोजनाएं: 57
अपंजीकृत फ्लैट: 21,034
25% राशि जमा के बाद रजिस्ट्री की अनुमति: 5,536
अब तक रजिस्ट्री कराए गए फ्लैट: 3,724
बकाया भुगतान न होने से अटकी रजिस्ट्री: 17,310
देयता शून्य (शासनादेश के बाद): 6 बिल्डर
25% राशि जमा करने वाले बिल्डर: 34, कुल 518.13 करोड़
आंशिक राशि जमा करने वाले बिल्डर: 13, कुल 28.60 करोड़
सहमति देने के बाद भी भुगतान न करने वाले: 4 बिल्डर
न तो राशि जमा की, न सहमति दी: 6 बिल्डर
प्राधिकरण को कुल जमा (25% + आंशिक): 556.73 करोड़ (47 बिल्डर)

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