सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान हत्याकांड में आया फैसला, दो दोषियों को उम्रकैद की सजा, जानिए क्या था मामला?
- Shiv Kumar
- 14 Oct, 2025
Noida: सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को बहुचर्चित अंकित चौहान हत्याकांड में शशांक जादौन और मनोज कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने शशांक जादौन पर 70 हजार और मनोज कुमार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष जज ज्योति क्लेर ने अपने फैसले में कहा कि अपराध का तरीका “दुर्लभतम मामलों” की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए फांसी की बजाय आजीवन कारावास उपयुक्त दंड है। अदालत ने यह भी कहा कि हत्या दिनदहाड़े राष्ट्रीय राजमार्ग पर की गई थी, जो अपराधियों की निडरता और कानून के प्रति घोर उपेक्षा को दर्शाती है।
कम उम्र दोषियों का पक्ष कमजोर करने वाला कारक
जज ने कहा कि दोषी अपेक्षाकृत कम उम्र के हैं, जो सजा कम करने का एक कारण हो सकता है, लेकिन पीड़ित की कम उम्र और उसके परिवार पर पड़े गहरे प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पीड़ित की कम उम्र को भी नहीं भुलाया जा सकता, जिसने अपने वृद्ध माता-पिता और एक युवा विधवा को पीछे छोड़ गया है। अदालत उनके दर्द और मानसिक आघात को अनदेखा नहीं कर सकती।
टीसीएस में इंजीनियर थे अंकित चौहान
गौरतलब है कि मृतक अंकित चौहान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। घटना से कुछ ही दिन पहले उनकी शादी हुई थी। अदालत ने माना कि अपराध ने न केवल एक युवा जीवन को खत्म किया, बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियां भी छीन लीं। मुख्य आरोपी शशांक जादौन बेहद मेधावी छात्र था। उसने बारहवीं में 90% से अधिक अंक हासिल किए और दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीटेक किया था। लेकिन उसने जल्दी रुपये कमाने की लालच में अपराध का रास्ता चुना। रियल एस्टेट कारोबार में भारी नुकसान झेलने के बाद उसने अपने दोस्त पवन कुमार (अब मृतक) से कर्ज लिया, जिसे वह लौटा नहीं पाया। कर्ज चुकाने के लिए उसने दोस्त मनोज कुमार उर्फ ठेकेदार के साथ मिलकर एक एसयूवी चोरी कर बेचने की योजना बनाई।
जब सड़क पर गूंजे गोलियों के शोर
योजना के तहत 13 अप्रैल 2015 की रात अंकित चौहान अपने मित्र गगन दुधोरिया के साथ नोएडा सेक्टर-135 से अपनी नई फॉर्च्यूनर कार में घर लौट रहे थे। कार पर अस्थायी नंबर प्लेट लगी थी। रास्ते में एक होंडा एकॉर्ड कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। होंडा से उतरे दो लोगों ने अंकित पर फायरिंग कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
ऐसे पकड़ा गया मुख्य आरोपी शशांक जादौन
वारदात की जांच शुरू में उत्तर प्रदेश पुलिस के पास थी, लेकिन बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर इसे सीबीआई को सौंपा गया। जांच में सीबीआई को UP-14AB-2200 नंबर की होंडा एकॉर्ड कार मिली, जो घटना में इस्तेमाल कार UP-14AB-2300 से बेहद मिलती-जुलती थी। इस सुराग के आधार पर सीबीआई शशांक जादौन तक पहुंची और उसे 1 जून 2017 को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने साथी मनोज कुमार उर्फ ठेकेदार का नाम बताया, जिसे 2 जून 2017 को गिरफ्तार किया गया।
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