ग्रेटर नोएडा में दम घोंटू हवा, AQI 200 के पार , सड़कों पर छाई धुंध
- Shiv Kumar
- 01 Nov, 2025
Greater Noida: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तरह ग्रेटर नोएडा की हवा भी अब जहरीली होती जा रही है। शुक्रवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुंच गया, जो “खराब” श्रेणी में आता है। इससे एक बार फिर लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
सूरजपुर में लगातार बढ़ रहा प्रदूषण स्तर
शहर के सूरजपुर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया है। यहां सुबह से ही घनी धुंध और धूल के बारीक कणों ने पूरे वातावरण को ढक लिया। सड़कें धुंध से ढकी नजर आईं और दृश्यता भी काफी कम हो गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-सुबह टहलना या खुली हवा में सांस लेना अब मुश्किल हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से कई उपाय किए जा रहे हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर कवर लगाना, मलबा ढकना और खुले में कूड़ा जलाने पर रोक। इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा की गति कम हो जाती है, जिससे धूल और प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उठ पाते और नीचे ही जम जाते हैं। यही वजह है कि प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन प्रयोग न करें, डीजल जनरेटर का इस्तेमाल कम करें और खुले में कूड़ा न जलाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
सेक्टर-ETA क्षेत्र में प्रदूषण स्तर सबसे अधिक
सूरजपुर, नॉलेज पार्क, और सेक्टर-ETA क्षेत्र में प्रदूषण स्तर सबसे अधिक पाया गया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा (वेस्ट) में भी शाम के समय AQI में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। लोगों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्राधिकरण से सख्त निगरानी और स्थायी समाधान की मांग की है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा की हवा और भी जहरीली हो सकती है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित होगा।Leave a Reply
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