ग्रेनों में 6 हजार घर खरीदारों को राहत! छह अधूरी टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर यीडा ने बनाई ये रणनीति

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ग्रेटर नोएडा में छह अधूरी टाउनशिप परियोजनाओं का सर्वे करी एंड ब्राउन एजेंसी करेगी

Greater Noida: कानूनी विवादों में फंसी बिल्डर परियोजनाओं में घर का इंतजार कर रहे हजारों खरीदारों के लिए यमुना प्राधिकरण (YEIDA) एक नई उम्मीद लेकर आया है। प्राधिकरण ने ऐसी छह अधूरी टाउनशिप परियोजनाओं का सर्वे करी एंड ब्राउन एजेंसी से कराने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं का निर्माण कानूनी विवादों, अतिरिक्त मुआवजा और लोन से जुड़े मामलों के कारण वर्षों से ठप पड़ा है।


अधूरी परियोजनाओं पर प्राधिकरण की नई पहल

प्राधिकरण का उद्देश्य यह जांचना है कि क्या इन विवादित परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी लेना यमुना प्राधिकरण के हित में होगा या नहीं। अगर सर्वे रिपोर्ट में यह प्राधिकरण के लिए व्यावहारिक और लाभदायक पाई गई, तो प्राधिकरण न्यायालय में औपचारिक प्रस्ताव पेश कर इन परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेगा। इसके बाद फंसे हुए खरीदारों को उनके घरों का कब्जा दिलाया जाएगा। इस पहल से लगभग 5,000 से 6,000 घर खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है।


छह परियोजनाओं में विवाद 

प्रदेश सरकार ने अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए अमिताभकांत समिति की सिफारिशों को लागू किया था। यीडा क्षेत्र की सात बिल्डर परियोजनाओं ने इस योजना के तहत आवेदन किया और बकाया का 25 प्रतिशत भुगतान कर बाधाएं दूर कीं। हालांकि, छह टाउनशिप परियोजनाएं अब भी जमीन विवाद, अतिरिक्त मुआवजा और बैंक लोन जैसे कारणों से अटकी हुई हैं। इनमें से कई मामले हाईकोर्ट और एनसीएलटी में विचाराधीन हैं, जिसके चलते वे समिति की सिफारिशों का लाभ भी नहीं ले पाई हैं।


सर्वे में शामिल होंगे वित्तीय और भू-संबंधी पहलू

करी एंड ब्राउन एजेंसी इन छह परियोजनाओं का विस्तृत सर्वे करेगी। जिसमें परियोजना में कुल खरीदारों की संख्या और उनकी निवेशित राशि,

खरीदारों से वसूली गई व बकाया राशि, बैंकों से लिए गए ऋण और उनकी स्थिति, परियोजना की भूमि और अतिरिक्त मुआवजा स्थिति, शेष बचे भूखंडों के पुनः आवंटन की संभावना तलाश करेगी। सर्वे से यह भी आकलन किया जाएगा कि यदि प्राधिकरण खुद परियोजना को पूरा करता है तो कितना खर्च आएगा, और यह खर्च प्राधिकरण खरीदारों, बिक्री योग्य भूमि या पुनर्विकास के जरिए कितनी हद तक वसूल कर सकता है।


बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव

अगर सर्वे के परिणाम सकारात्मक रहे, तो प्राधिकरण यह प्रस्ताव न्यायालय में प्रस्तुत कर परियोजनाओं को अपने नियंत्रण में लेकर पूरा करेगा। इससे न केवल खरीदारों को उनके घर मिल सकेंगे, बल्कि वित्तीय संस्थानों, किसानों और प्राधिकरण की बकाया राशि भी वसूली जा सकेगी। यह प्रस्ताव 7 नवंबर को होने वाली प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पेश किया जा सकता है। फिलहाल, यीडा क्षेत्र की इन विवादित परियोजनाओं में करीब 10,000 घर खरीदार प्रभावित हैं। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि घर खरीदारों के हित में अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। करी एंड ब्राउन द्वारा किए जा रहे सर्वे के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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