यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क में मिलेगी ये नई सुविधा, जानकर कहेंगे- अब दूर हो जाएगी दिक्कत
- Shiv Kumar
- 03 Jan, 2026
यमुना सिटी के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क (एमडीपी) को मेडिकल टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में अहम पहल की गई है। यहां गामा रेडिएशन सेंटर के साथ 12 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन लैब के संचालन और उपकरणों के रखरखाव के लिए निजी एजेंसी का चयन किया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों के अनुसार, 8 जनवरी को मुंबई में परमाणु ऊर्जा से जुड़ी संस्था बोर्ड ऑफ रेडिएशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी (ब्रिट) के साथ गामा रेडिएशन सेंटर को विकसित करने के लिए साझेदारी की जाएगी।
गामा रेडिएशन सेंटर का निर्माण तकनीकी रूप से बेहद जटिल और खर्चीला माना जाता है। इसी को देखते हुए इसे साझेदारी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, ताकि यह परियोजना तकनीकी रूप से मजबूत होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी टिकाऊ रहे। ब्रिट संस्था इस सेंटर को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा मानकों के अनुरूप तैयार करने में तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी विशेषज्ञता प्रदान करेगी। इससे मेडिकल डिवाइस के स्टरलाइजेशन, कैंसर उपचार और अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
पार्क में बनाए जा रहे 6 कॉमन फसिलिटी सेंटर
मेडिकल डिवाइस पार्क में कुल छह कॉमन साइंटिफिक फैसिलिटी सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनमें से सीएसएफ-1 से लेकर सीएसएफ-5 तक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही प्रशासनिक भवन का काम भी पूरा कर लिया गया है। गामा रेडिएशन सेंटर और बायो मटेरियल टेस्टिंग फैसिलिटी को सीएसएफ-6 के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसकी योजना अब अमल में लाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल डिवाइस पार्क में अब तक 100 से अधिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, जिससे यहां निवेश और औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
मेडिकल पार्क में ये 12 लैब्स होंगी स्थापित
पार्क में 3डी डिजाइन, रेपिड प्रोटोटाइपिंग एंड टूलिंग, इंटरनेट ऑफ मेडिकल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक एसेंबली, बायो मटेरियल टेस्टिंग, कॉमन आईटी फैसिलिटी, कॉमन टूलिंग रूम, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम एंड डिजाइन, मैकाट्रॉनिक जोन, इलेक्ट्रॉनिक कैलिब्रेशन एंड टेस्टिंग, सेंसर टेस्टिंग एंड इंटीग्रेशन, डिजिटल डिस्प्ले जोन और एआई-एमएल एंड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन सुविधाओं से मेडिकल डिवाइस स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को एक ही स्थान पर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा।
कैंसर के इलाज में सहायक है गामा रेडिएशन
गामा रेडिएशन सेंटर उच्च ऊर्जा वाली गामा किरणों के उपयोग से चिकित्सा व अनुसंधान उद्देश्यों को पूरा करता है। इसका उपयोग विशेष रूप से कैंसर उपचार, मेडिकल उपकरणों की स्टरलाइजेशन और वैज्ञानिक परीक्षणों में किया जाता है। यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि एमडीपी के स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई बैठक में लैब संचालन के लिए निजी एजेंसी के चयन पर सहमति बनी है और 8 जनवरी को ब्रिट के साथ समझौता किया जाएगा।
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