नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, जानकर आप भी कहेंगे बहुत खूब

top-news
नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में लीजडीड, एसटीपी प्लांट, किसान कोटे के भूखंड और 458 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री से जुड़े अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 19 एजेंडों पर चर्चा हुई और कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

नोएडा: नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक सोमवार को अवस्थापन एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड रूम में संपन्न हुई। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम, यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह मौजूद रहे। बैठक में कुल 19 एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें से आठ प्रस्तावों को बोर्ड मेंबरों की मंजूरी मिली, जबकि अधिकांश मामलों को शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में आवासीय समितियों की लीजडीड, ड्रेनों में एसटीपी, किसान कोटे के भूखंड, सिटी लॉजिस्टिक प्लान और फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।


लीजडीड की समस्या सुलझाने को आठ सदस्यीय समिति
नोएडा की कई आवासीय सहकारी समितियों में जीपीए के आधार पर फ्लैटों की खरीद-फरोख्त हुई, लेकिन अब तक उनकी लीजडीड नहीं हो सकी। इससे प्राधिकरण को लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा है। 10 दिसंबर 2024 को एयरफोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड ने 729 ऐसे फ्लैटों की सूची दी थी, जिनमें मूल आवंटियों ने बिना लीजडीड कराए फ्लैट बेच दिए। अब इन फ्लैटों की लीजडीड किन शर्तों पर की जाए, इसके लिए बोर्ड ने आठ सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में अपर एसीईओ ग्रुप हाउसिंग को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मुख्य विधि सलाहकार, वित्त नियंत्रक, विशेष कार्य अधिकारी ग्रुप हाउसिंग, एआईजी स्टांप, जीएम नियोजन और महाप्रबंधक सिविल को सदस्य बनाया गया है।


ड्रेनों के लिए एसटीपी और किसान कोटे के भूखंड
प्राधिकरण क्षेत्र की ड्रेनों के सुधार और सीवरेज पानी के ट्रीटमेंट के लिए एसटीपी प्लांट लगाए जाएंगे। ड्रेनों के आसपास उपलब्ध जमीन पर नई तकनीक और कम लागत वाले प्लांट स्थापित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी किया जाएगा। चयनित कंपनी प्लांट लगाने के साथ-साथ पांच साल तक उसका संचालन भी करेगी। इसके अलावा किसान कोटे से जुड़े भूखंडों के आवंटन पर भी फैसला लिया गया। वर्ष 1976 से 1997 के बीच जिन किसानों की जमीन अधिगृहीत की गई थी, उनके लिए 2011 में निकाली गई योजना के तहत अब भी 66 भूखंड आवंटित होने बाकी हैं। इनका आवंटन ड्रॉ के जरिए कराने के लिए तीनों प्राधिकरणों के एसीईओ स्तर की समिति बनाई गई है।


458 बायर्स की रजिस्ट्री और यूनिफाइड पॉलिसी में संशोधन
सेक्टर-150 के स्पोर्ट्स सिटी एससी-02 में बने गोदरेज ब्रिक राइस प्रोजेक्ट के छह टावरों को अधिभोग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत यह निर्णय लिया गया, जिससे 458 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि बिल्डर पर निर्माण, सुरक्षा, स्पोर्ट्स सुविधाएं और एनजीटी नियमों सहित 20 से अधिक शर्तें लागू की गई हैं। बैठक में यूनिफाइड रेगुलेशन 2025 में आंशिक संशोधन पर भी सहमति बनी। संशोधन के बाद इसे लागू किया जाएगा। वहीं अमिताभ कांत की सिफारिशों के तहत डेवलपर्स द्वारा 872.12 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं, जिससे 6855 फ्लैट बायर्स के पक्ष में रजिस्ट्री संभव होगी। अब तक 4134 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं और शेष कराने के निर्देश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

общество экспертов России по недропользованию

Деятельность в области недропользования — это направление деятельности, связанный с разработкой подземных богатств. Оно включает добычу полезных ископаемых и их рациональное использование. Эта отрасль регулируется установленными правилами, направленными на безопасность работ. Ответственное ведение работ в недропользовании способствует экономическому росту. <a href="https://oern.expert/?oern-obschestvo-ekspertov-rossii-po-nedropolzovaniyu-9.html">оэрн</a>