नोएडा में शातिर गैंग गिरफ्तार, बरामद हुए 8 करोड़ के 821 मोबाइल, चोरी के तरीके जान दंग रह जाएंगे आप!

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नोएडा-एनसीआर में मोबाइल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। फेज-2 पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर 821 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है।

नोएडा-एनसीआर में मोबाइल चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफास हुआ है। यह खुलासा फेज-2 थाना पुलिस ने किया है। पुलिस ने इस गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। सभी आरोपी बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं, जो सर्दियों के मौसम में तीन से चार महीने के लिए नोएडा आते थे और किराए के मकानों में रहकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।


चोरी का अचूक तरीका, हर कोई हैरान
डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि यह गिरोह अलग-अलग छोटे गैंग बनाकर काम करता था। ये लोग नोएडा और एनसीआर के भीड़-भाड़ वाले बाजारों, साप्ताहिक बाजारों, सब्जी और फल मंडियों को अपना टारगेट बनाते थे। खासतौर पर सर्दियों में जैकेट पहनने वाले लोगों को निशाना बनाया जाता था, क्योंकि जेब में रखे मोबाइल आसानी से निकाले जा सकते थे। गिरोह के नाबालिग सदस्य लोगों का ध्यान भटकाने का काम करते थे, जबकि अन्य सदस्य मौके का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी कर लेते थे। पकड़े जाने की स्थिति में आरोपी अपने साथियों को आगे कर देते थे, ताकि खुद बच सकें।


चेकिंग के दौरान हुआ पूरा खुलासा
पुलिस के अनुसार 6 जनवरी को थाना फेज-2 पुलिस ककराला इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कुछ संदिग्ध लोग सोरखा गांव की ओर से सेक्टर-81 की तरफ पैदल जाते दिखे। पुलिस को देखकर वे घबरा गए और वापस मुड़ने लगे। शक होने पर पुलिस ने उन्हें रोका और तलाशी ली, जिसमें बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने मोबाइल चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।


झारखंड ले जाकर बेचते थे सस्ते मोबाइल
आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन एक जगह इकट्ठा किए जाते थे। इसके बाद छोटे रेलवे स्टेशनों से ट्रेन पकड़कर मोबाइल झारखंड ले जाए जाते थे, जहां इन्हें ग्राहकों को सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था। ये लोग मोबाइल फोन पर सिर्फ वॉट्सऐप के जरिए ही बातचीत करते थे, ताकि ट्रैक न हो सकें। जब एक बार बड़ी मात्रा में मोबाइल इकट्ठा हो जाते थे, तो आरोपी नोएडा छोड़कर अपने गांव वापस चले जाते थे।


पढ़ाई-लिखाई से दूर, मजदूर बनकर रहते थे
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में श्याम राय और रोहित सैनी 12वीं पास हैं, जबकि गोविंदा महतो, प्रदीप कुमार, भरतीया महतो और शेखर अनपढ़ हैं। दोनों नाबालिग भी पढ़े-लिखे नहीं हैं। ये लोग नोएडा आने पर खुद को मजदूर बताकर किराए के कमरे में रहते थे और चोरी से मिले पैसों को मौज-मस्ती में खर्च करते थे। पुलिस अब बरामद मोबाइल के असली मालिकों की पहचान कर उन्हें लौटाने की प्रक्रिया में जुटी है।

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