नोएडा में यमुना-पुश्ता पर बनेगा एलिवेटेड रोड, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती, लखनऊ में हाईलेवल मीटिंग
- Shiv Kumar
- 07 Jan, 2026
नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए यमुना पुश्ता पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें एलिवेटेड रोड की जियोग्राफिक मैपिंग, डिजाइन, तकनीकी पहलुओं और फंडिंग पैटर्न पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आईडीसी दीपक कुमार के साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में इस परियोजना पर अंतिम मुहर लग सकती है, जिससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ट्रैफिक हालात में बड़ा सुधार होगा।
पीपीपी मॉडल पर बन सकती है सड़क, टोल से होगी लागत वसूली
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का निर्माण एनएचएआई या यूपीडा में से किसी एक एजेंसी को सौंपा जा सकता है। योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि टोल के माध्यम से निर्माण लागत की भरपाई की जा सके। चूंकि सड़क का निर्माण यमुना पुश्ता और उसके आसपास की जमीन पर प्रस्तावित है, इसलिए इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों का कहना है कि एलिवेटेड डिजाइन होने की वजह से जमीन और तटबंध पर सीधा असर कम पड़ेगा।
पहले एनओसी से इनकार, अब नई तकनीक पर विचार
नोएडा प्राधिकरण पहले भी कई बार सिंचाई विभाग से एनओसी लेने का प्रयास कर चुका है। करीब तीन महीने पहले विभाग ने स्पष्ट किया था कि तटबंध के पास निर्माण से ड्रेनेज चैनल और एम्बैंकमेंट प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि अब नई तकनीक और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधान अपनाने पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एलिवेटेड स्ट्रक्चर के जरिए इन आशंकाओं को दूर किया जा सकता है, जिससे सिंचाई विभाग की आपत्तियां भी कम होंगी।
हजारों करोड़ का प्रोजेक्ट, तीनों प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे खर्च
यमुना पुश्ता सेक्टर-94 से सेक्टर-150 तक करीब 23 किलोमीटर और आगे यमुना एक्सप्रेसवे तक लगभग 30 किलोमीटर लंबा है। पूरे हिस्से पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है, जिसकी अनुमानित लागत हजारों करोड़ रुपये हो सकती है। इतना बड़ा खर्च अकेले नोएडा प्राधिकरण के लिए संभव नहीं है। इसी वजह से बोर्ड बैठक में यूपीडा को निर्माण एजेंसी के रूप में चुनने और खर्च को नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के बीच साझा करने का प्रस्ताव पास किया गया था।
एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे दोनों को मिलेगा फायदा
लखनऊ में हुई बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सिंचाई विभाग जल्द एनओसी जारी कर सकता है। एलिवेटेड रोड बनने से दिल्ली से इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी। यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में एनसीआर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
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