ऑनलाइन गेमिंग से झांसा देकर करते थे कांड, पुलिस ने आठ को दबोचा, 5 महिलाएं भी शामिल, पूरा मामला जान शॉक्ड हो जाएंगे आप
- Shiv Kumar
- 08 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग/ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन पुरुष और पांच महिलाओं समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी बैंक दस्तावेज, पासबुक, डेबिट कार्ड, प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर उपकरण, क्यूआर कोड और नकदी बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह ‘मजाबुक मजे से जीतो’ नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों को लालच देकर ठगी करता था।
कैसे चलती थी ठगी
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गिरोह क्रिकेट, कसीनो, एविएटर, रूलेट और नंबरिंग गेम जैसे खेल ऑनलाइन खिलवाता था। शुरुआत में छोटे पैसे जीतकर लोगों का भरोसा और लालच बढ़ाया जाता था, लेकिन जैसे ही ग्राहक अधिक धन लगाता, खेल का नियंत्रण गिरोह के हाथ में आ जाता और जमा पूंजी डुबा दी जाती। जीतकर पैसे निकालने पर तकनीकी बहाने बनाकर रोक दिया जाता या ब्लॉक कर दिया जाता।
फर्जी सिम और बैंक खाते
अदालती और बैंक दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी खातों और सिम कार्ड से लेन-देन किया जाता था। आरोपी प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड खरीदते और विभिन्न राज्यों के पते दिखाकर खाते खुलवाते थे। बरामद सिम और बैंक खातों में इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक शामिल थे।
रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार के अनुसार, गौड़ सिटी क्षेत्र में कार्यालय से अवैध गेमिंग की जानकारी मिलने पर टीम ने चौथे तल पर छापा मारा। मौके पर मोबाइल और लैपटॉप पर ऑनलाइन दांव खेलते हुए कई लोग पकड़े गए। छापेमारी में 18 एंड्रॉयड मोबाइल, 4 लैपटॉप, 155 फर्जी सिम, 50 क्यूआर कोड, 2 कंप्यूटर मॉनिटर, 4 वाई-फाई मॉडेम, 10 डाटा शीट, 10 कॉलिंग हेडफोन और 45 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
अभियुक्तों का विवरण और जिम्मेदारी
गिरफ्तार अभियुक्तों में गर्व (21), अजय सिंह (25), सोनल उर्फ अनिरुद्ध (32) शामिल हैं। महिला अभियुक्ताओं में रुचि (20), कोमल (20), सुषमा (21), तनीषा (20) और सानिया सिंह (23) शामिल हैं। मुख्य आरोपी सोनल कॉलिंग और डाटा मैनेजमेंट देखता था। गिरोह नए ग्राहकों को फोन कर अधिक कमाई का लालच देता था और बोनस/फ्री गेम सुविधा देता था, जो निकाली नहीं जा सकती थी।
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
पुलिस के अनुसार, गिरोह ट्रेंट्रैक इनोवेटिव सॉल्यूशंस नाम से पिछले छह महीनों से बिना रजिस्ट्रेशन और जीएसटी नंबर के काम चला रहा था। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं, जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खातों की जांच भी जारी है।
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