ग्रेटर नोएडा में बंदरों का आतंक, कई लोगों को कर दिया घायल, ग्रामीण से लेकर राहगीर तक परेशान
- Shiv Kumar
- 16 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के दनकौर-ककोड़ मार्ग और बांजरपुर गांव के आसपास इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अचानक हो रहे हमलों से कई राहगीर घायल हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल है। खासकर सुबह और शाम के समय इस मार्ग से गुजरने वाले लोग सबसे ज्यादा सहमे हुए हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अब तक उन्हें पकड़ने या भगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
व्यस्त मार्ग पर अचानक हमले, बढ़ा हादसों का खतरा
स्थानीय निवासियों के अनुसार, खेरली नहर के पास और बांजरपुर गांव के आसपास बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये बंदर अचानक बाइक सवारों और पैदल चलने वाले लोगों पर हमला कर देते हैं। कई मामलों में लोग बाइक से गिरकर चोटिल भी हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर कभी अचानक वाहनों के सामने कूद जाते हैं, तो कभी पीछे से हमला कर देते हैं। इस वजह से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा हर समय बना रहता है। दनकौर-ककोड़ मार्ग एक बेहद व्यस्त मार्ग है, जिससे ककोड़, झाझर और बुलंदशहर समेत कई इलाकों के लिए रोजाना सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर बंदरों की मौजूदगी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। कई राहगीर डर के कारण वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे उनका समय और खर्च दोनों बढ़ रहा है।
खेरली नहर और गांव के अंदर हालात ज्यादा खराब
ग्रामीणों ने बताया कि खेरली नहर के किनारे आजमपुर गढ़ी और बांजरपुर की कोठी के आसपास बंदरों का आतंक सबसे अधिक है। यहां से गुजरने वाले लोग हर वक्त सहमे रहते हैं। बंदर न सिर्फ हमला करते हैं, बल्कि लोगों का सामान छीनने की भी कोशिश करते हैं। कई बार बच्चों के हाथ से खाने-पीने की चीजें छीन ली जाती हैं, जिससे बच्चे बेहद डर गए हैं। बांजरपुर गांव के अंदर भी हालात चिंताजनक हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर घरों की छतों पर घूमते रहते हैं और कपड़े, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। खेतों में काम करने वाले लोग भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने जनहित में त्वरित कार्रवाई कर क्षेत्र को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की अपील की है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा और राहत दिलाएगा।
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