ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 में फिर बिगड़े हालात, दूषित पानी से कई छात्र बीमार, एलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-2 में दूषित पानी से चार बीटेक छात्र बीमार हो गए। पेट दर्द और बुखार की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच में जुटी है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-2 में दूषित पानी को लेकर हालात एक बार फिर गंभीर होते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को सेक्टर में रहने वाले चार छात्र अचानक बीमार पड़ गए। पहले उन्हें तेज पेट दर्द की शिकायत हुई और बाद में बुखार भी आ गया। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा सेक्टर में पहुंची और बीमार छात्रों के साथ-साथ अन्य सेक्टरवासियों से भी पूछताछ की। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग पानी की गुणवत्ता को लेकर बेहद चिंतित हैं। सेक्टर के निवासियों और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का साफ आरोप है कि यह बीमारी दूषित और बदबूदार पानी पीने की वजह से फैल रही है। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से घरों में गंदा पानी आ रहा है, लेकिन संबंधित विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।


चार बीटेक छात्रों की बिगड़ी तबीयत
अल्फा-2 सेक्टर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि आई ब्लॉक में रहने वाले बीटेक के छात्र प्रांजल त्रिपाठी, पीयूष त्रिपाठी, अभिनव त्रिपाठी और हरिओम प्रजापति को अचानक पेट दर्द शुरू हुआ। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पानी से संक्रमण होने की आशंका जताई। इलाज के दौरान चारों को बुखार भी आ गया। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। सेक्टर में लगातार लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं और बच्चों व बुजुर्गों को लेकर चिंता और बढ़ गई है।


अल्फा-2 की जांच रिपोर्ट पर सस्पेंस
सुभाष भाटी ने आरोप लगाया कि डेल्टा-1 सेक्टर से लिए गए पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट तो सार्वजनिक कर दी गई, लेकिन अल्फा-2 सेक्टर की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं लाई गई है। उन्होंने आशंका जताई कि रिपोर्ट में गंभीर खामियां सामने आई होंगी, इसी वजह से प्रशासन उसे दबाए बैठा है। आरडब्ल्यूए ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पानी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सेक्टरवासी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।


स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
डाढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम गुरुवार को सेक्टर अल्फा-2 पहुंची। टीम ने बीमार छात्रों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और घर-घर जाकर अन्य लोगों की सेहत की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को सेक्टर में मेडिकल कैंप लगाने की भी बात कही है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डॉक्टरों की टीम को घर-घर जाकर जांच करनी पड़ रही है।


पहले भी बीमार हो चुके हैं दर्जनों लोग
सेक्टरवासियों का कहना है कि दूषित पानी की समस्या नई नहीं है। कुछ दिन पहले भी अल्फा-2 सेक्टर में गंदा पानी पीने से 62 लोग बीमार हो चुके थे, जिनमें से 32 को पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हुई थीं। लोगों का आरोप है कि पानी को लेकर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

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