सरकारी महकमे की लापरवाही ने ले ली युवराज की जान, घने कोहरे में रिफ्लेक्टर न होने से हुआ हादसा
- Shiv Kumar
- 19 Jan, 2026
नोएडा के सेक्टर-150 में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घने कोहरे और जीरो विजिबिलिटी के बीच ड्यूटी से घर लौट रहे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की कार अनियंत्रित होकर सीधे नाले के पास स्थित एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट में भरे पानी में जा गिरी। हादसे में युवराज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि अगर मौके पर सुरक्षा इंतजाम होते और समय रहते मदद मिल जाती, तो युवराज की जान बच जाती। यह पूरा मामला नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर-150 का है।
दो घंटे तक लगाई गुहार, लेकिन नहीं मिली कोई मदद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद युवराज करीब दो घंटे तक कार में फंसा रहा। वह लगातार मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन घने कोहरे और सुनसान सड़क के कारण कोई समय पर नहीं पहुंच सका। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां न तो रिफ्लेक्टर लगे थे और न ही नाले के पास कोई पक्की दीवार या कोई इंडीकेटर मौजूद थे। इसी वजह से कार सीधे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। बाद में सूचना मिलने पर SDRF और NDRF की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय लोगों ने निकाला कैंडल मार्च, की न्याय की मांग
घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका सोसाइटी के निवासियों और स्थानीय लोगों ने युवराज की आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला। सैकड़ों लोग ‘जस्टिस फॉर युवराज’ के बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और नोएडा प्राधिकरण व संबंधित बिल्डर की लापरवाही पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने बैनर पर प्राधिकरण के सीईओ का फोटो और बिल्डर का लोगो लगाकर पूछा कि इस हादसे का जिम्मेदार कौन है। परिजनों ने भी पुलिस को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हादसे पर प्राधिकरण का सख्त एक्शन, JE की सेवा समाप्त
मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री लोकेश एम ने दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सेक्टर-150 क्षेत्र में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, नोएडा ट्रैफिक सेल विभाग के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। सीईओ ने लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण कार्य की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है। उन्होंने साफ कहा है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी परियोजनाओं का दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?
हादसे को लेकर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने भी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि नॉलेज पार्क क्षेत्र में हुए हादसे की सूचना मिलते ही तत्काल स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड व एसडीआरएफ की तरफ से तत्परता के साथ कार्रवाई की गई। सभी जरूरी उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और हर तरह से युवक की जान बचाने की कोशिश की गई। पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।
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