नोएडा हादसे में युवराज की मौत पर बहुत बड़ा एक्शन, हटाए गए प्राधिकरण के CEO लोकेश एम
- Shiv Kumar
- 19 Jan, 2026
नोएडा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। सेक्टर-150 में गहरे गड्ढे में पानी भरने से इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही लापरवाही के आरोपों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद की गई है। लोकेश एम काफी समय से नोएडा प्राधिकरण के सीईओ पद पर तैनात थे। हादसे के बाद से ही प्राधिकरण की कार्यशैली और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे थे, जिन्हें अब शासन ने गंभीरता से लेते हुए बड़ा फैसला किया है।
सेक्टर-150 हादसा बना कार्रवाई की वजह
पूरा मामला नोएडा के सेक्टर-150 से जुड़ा है, जहां इंजीनियर युवराज की गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई थी। बताया गया था कि इलाके में लंबे समय से खुले और खतरनाक गड्ढे मौजूद थे, जिनकी न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही समय रहते भराव कराया गया। बारिश के बाद गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया, जिससे वह सामान्य सड़क जैसा दिखाई देने लगा। इसी दौरान युवराज वहां गिर गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला था।
राजनीतिक दबाव और सवालों के घेरे में प्राधिकरण
इंजीनियर युवराज की मौत का मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने भी सरकार और नोएडा प्राधिकरण पर तीखा हमला बोला था। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर ट्वीट कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और शासन स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई। जांच में यह सामने आया कि क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पहले भी उठते रहे हैं लापरवाही के सवाल
यह पहली बार नहीं है जब नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हों। इससे पहले भी शहर के अलग-अलग सेक्टरों में खुले गड्ढे, जलभराव और निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इंजीनियर युवराज की मौत के बाद इन सभी मामलों को जोड़कर देखा गया और प्राधिकरण की जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई। इसी क्रम में अब सीईओ लोकेश एम को हटाए जाने की कार्रवाई को एक बड़े प्रशासनिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
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