नोएडा हादसे का सीएम योगी ने लिया संज्ञान, जांच के लिए गठित की SIT, अथॉरिटी के CEO भी नपे
- Shiv Kumar
- 19 Jan, 2026
नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में युवा इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संज्ञान लिया है। सीएम के निर्देश पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है। यह फैसला लगातार सामने आ रही लापरवाहियों, प्रशासनिक चूक और जनआक्रोश को देखते हुए लिया गया है। हादसे के बाद से ही यह मामला प्रदेश स्तर पर चर्चा में बना हुआ है, जिस पर अब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
ADG मेरठ जोन के नेतृत्व में बनी SIT
मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित SIT की कमान ADG जोन मेरठ को सौंपी गई है। टीम में ADG जोन मेरठ के अलावा मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर को भी शामिल किया गया है। SIT को निर्देश दिए गए हैं कि वह हादसे से जुड़े सभी पहलुओं, जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित विभागों की भूमिका की गहन जांच करे। टीम को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपनी होगी, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
सेक्टर-150 में गड्ढे में डूबने से हुई थी युवराज की मौत
गौरतलब है कि नोएडा के सेक्टर-150 में गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत हो गई थी। बताया गया कि यह गड्ढा लंबे समय से खुला था और बारिश के कारण उसमें पानी भर गया था। सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी के चलते युवराज को इसका अंदाजा नहीं हो सका और हादसा हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
सीईओ लोकेश एम को हटाया गया, सियासत भी तेज
हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया गया। लोकेश एम काफी समय से नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के रूप में कार्यरत थे। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। अब SIT के गठन के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।
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