हादसे के तीन दिन बाद, सात घंटे की कड़ी मशक्कत से एनडीआरएफ ने निकाली दुर्घटनाग्रस्त कार
- Shiv Kumar
- 20 Jan, 2026
नोएडा के सेक्टर-150 में हुए इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत के मामले में बुधवार को बड़ा अपडेट सामने आया है। एनडीआरएफ की टीम ने करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उस कार को पानी से बाहर निकाल लिया, जिसमें सवार होकर युवराज हादसे का शिकार हुए थे। सुबह से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था। कार के मिलने के बाद जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। वहीं, इसी दिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित SIT टीम भी घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची और पूरे घटनाक्रम का बारीकी से जायजा लिया।
सात घंटे चला रेस्क्यू, एनडीआरएफ ने निकाली कार
एनडीआरएफ की टीम ने सुबह से ही सेक्टर-150 स्थित जलभराव वाले इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। पानी की गहराई और कीचड़ के कारण रेस्क्यू में भारी दिक्कतें आईं। आधुनिक उपकरणों और गोताखोरों की मदद से आखिरकार करीब सात घंटे बाद युवराज की कार को खोजकर बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, कार पूरी तरह पानी में डूबी हुई थी। इसी वाहन में सवार होकर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत हो गई थी। कार को बाहर निकालने के बाद फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
SIT टीम ने लिया घटनास्थल का जायजा
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री द्वारा गठित SIT टीम बुधवार को नोएडा प्राधिकरण से सीधे घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने जलभराव, सड़क की स्थिति, बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। इससे पहले SIT ने नोएडा प्राधिकरण में करीब दो घंटे तक अधिकारियों से पूछताछ की थी और पहले फेज में बयान दर्ज किए गए थे। ADG मेरठ जोन ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण, नोएडा पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की गई है। हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं, उन्हें रिकॉर्ड में लिया जा रहा है।
पांच दिन में रिपोर्ट, जिम्मेदारी तय होगी
ADG मेरठ जोन ने साफ कहा है कि SIT को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट में यह तय किया जाएगा कि हादसा किन कारणों से हुआ और इसमें किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि “पांच दिन के अंदर गलती और हादसा न होने के बिंदुओं को तय किया जाएगा। जिसकी भी गलती होगी, उसे जल्द ही पॉइंट आउट किया जाएगा।” SIT टीम अब नोएडा प्राधिकरण से जुड़े दस्तावेज, सुरक्षा मानकों और पूर्व में की गई व्यवस्थाओं की भी जांच करेगी। यह मामला सामने आने के बाद नोएडा में सड़क सुरक्षा, जलभराव और प्राधिकरण की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कार मिलने और SIT जांच तेज होने से अब पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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Tripti jaiswal
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