ग्रेटर नोएडा में दलदल में फंसा बेजुबान, गोरक्षकों ने किया दिल खुश कर देने वाला काम, अब हर कोई कर रहा तारीफ

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ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में गोबर के ढेर से बने दलदल में एक गोवंश फंस गया। गौरक्षक टीम ने उसे हाइड्रा मशीन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन से बड़ा हादसा टल गया।

ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को एक गोवंश के गोबर के ढेर से बने दलदल में फंस जाने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना दनकौर–सिकंदराबाद मार्ग पर समसपुर गांव के पास सामने आई, जहां सड़क किनारे लंबे समय से जमा गोबर और कचरे के कारण दलदली स्थिति बन गई थी। राहगीरों ने जब गोवंश को दलदल में फंसा देखा तो तुरंत इसकी सूचना जिले के गौरक्षकों को दी। सूचना मिलते ही गौरक्षक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।


दलदल में धंसता गया गोवंश, बढ़ी चिंता
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोवंश सड़क किनारे घूमते हुए गोबर के ढेर के पास पहुंच गया था। भारी मात्रा में जमा गोबर और नमी के कारण वहां दलदल जैसी स्थिति बन गई थी, जिसमें गोवंश धीरे-धीरे धंसता चला गया। कुछ ही देर में वह पूरी तरह फंस गया और निकलने में असमर्थ हो गया। आसपास से गुजर रहे लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो उन्होंने खुद निकालने की कोशिश की, लेकिन दलदल गहरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना गौरक्षक दल को दी गई।


हाइड्रा मशीन से चला रेस्क्यू ऑपरेशन
मौके पर पहुंचे जिला गौरक्षक और पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाइड्रा मशीन मंगवाई। रेस्क्यू के दौरान विशेष सावधानी बरती गई, ताकि गोवंश को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। रस्सियों और मशीन की मदद से गोवंश को धीरे-धीरे बाहर निकाला गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद गोवंश को सुरक्षित दलदल से बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान मौके पर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जुट गई, जिन्होंने सफल रेस्क्यू के बाद राहत की सांस ली।


खुले में गोबर के ढेर बन रहे खतरा: गौरक्षक प्रमुख
जिला गौरक्षक प्रमुख त्रिलोक नागर ने बताया कि खुले में गोबर या कचरे के ढेर न केवल गोवंश बल्कि आम लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की जगहों पर चारदीवारी या उचित प्रबंधन किया जाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। नागर ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी गोवंश संकट में होने की सूचना मिलती है, तो गौरक्षक टीम तुरंत सेवा कार्य में जुट जाती है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


टीमवर्क से बची गोवंश की जान
इस रेस्क्यू अभियान में एसआई रविकांत के साथ गौरक्षक साथी गौरव, विकास, अनुज समेत अन्य लोग मौजूद रहे। सभी के सामूहिक प्रयास से गोवंश की जान बचाई जा सकी। स्थानीय ग्रामीणों ने गौरक्षक टीम की तत्परता और मानवीय प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशासन से ऐसे खतरनाक स्थानों को जल्द सुरक्षित करने की मांग की है।

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