नोएडा हादसे में बहुत बड़ा एक्शन, 5 बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज, तेजी से हो रही मामले की जांच, जानें अब तक का अपडेट
- Shiv Kumar
- 22 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने इस प्रकरण में एक और एफआईआर दर्ज कर ली है। अब यह मामला केवल हादसा या लापरवाही तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण से जुड़े गंभीर आरोपों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने इस नई एफआईआर में कुल पांच लोगों को नामजद किया है, जो निर्माण से जुड़ी कंपनियों से संबंधित बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद रियल एस्टेट सेक्टर और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है।
निर्माण स्थल की लापरवाही बनी मौत की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर युवराज मेहता की कार गिरी थी, वहां लंबे समय से निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा था। करीब पांच साल पहले यहां गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए थे, जो सड़क के बेहद करीब थे। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक न तो वहां कोई बैरिकेडिंग कराई गई और न ही आम लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए। अंधेरा और कोहरा होने की वजह से यह जगह और भी खतरनाक बन गई। इसी दौरान युवराज की कार नाले की दीवार से टकराकर करीब 70 फीट गहरे पानी में जा गिरी, जिससे उनकी जान चली गई।
पर्यावरण और जल प्रदूषण कानून के तहत दर्ज हुई FIR
नॉलेज पार्क थाना प्रभारी के मुताबिक, इस मामले में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और जल प्रदूषण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में पाया गया कि दोनों बिल्डरों ने मिलकर नियमों का उल्लंघन किया, जिससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। नई एफआईआर में अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, आंचल बोहरा और निर्मल कुमार को नामजद किया गया है। ये सभी लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और केएमजेड विशटाउन से जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक टीम की जांच में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं और मामले की जांच अभी जारी है।
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