भारतीय कंपनी और भारतीयों ने किया कमाल-धमाल, बना दिया ऐसा AI एप, साइबर क्राइम पर लगाएगा लगाम, जानकर खुश हो जाएंगे आप!
- Shiv Kumar
- 22 Jan, 2026
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी की चुनौतियों के बीच भारत ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। आद्यांत लैब्स (Aadyanta Labs) द्वारा विकसित दुनिया की पहली AI-संचालित साइबर सुरक्षा प्रणाली ‘अरिस्टा साइबर कॉप’ का भव्य शुभारंभ नोएडा में किया गया। यह स्वदेशी ऐप न सिर्फ भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर साइबर खतरों से निपटने की क्षमता रखता है। ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड बाय इंडियंस’ की भावना के साथ तैयार किया गया यह प्लेटफॉर्म विकसित भारत के विजन को तकनीकी मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Predictive, Proactive और Preventive सुरक्षा का अनोखा मॉडल
नोएडा सेक्टर-55 स्थित होटल रेडिसन के NIHAO हॉल में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम के दौरान अरिस्टा साइबर कॉप की उन्नत तकनीकी क्षमताओं का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। कंपनी ने बताया कि यह सिस्टम पारंपरिक साइबर सुरक्षा टूल्स से अलग है और तीन-स्तरीय सुरक्षा मॉडल—Predictive, Proactive और Preventive—पर आधारित है। Inference AI से संचालित यह प्लेटफॉर्म संभावित साइबर हमलों की पहले पहचान कर उन्हें होने से पहले रोकने में सक्षम है। 24x7 रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए यह वायरस, मालवेयर, रैनसमवेयर और स्पायवेयर जैसे खतरों से लगातार सुरक्षा प्रदान करता है।
कोरोना काल में लिया संकल्प, अब भारत से ही विश्व को समाधान
कार्यक्रम में कंपनी के सीईओ डॉ. कुणाल सिंह बेरवार, जो स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं, ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान भारत लौटने के बाद उन्होंने यह संकल्प लिया कि अब तकनीक के क्षेत्र में देश में रहकर ही वैश्विक समाधान तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनेगा। साइबर सुरक्षा आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती है और इसी को ध्यान में रखते हुए उनकी टीम पिछले तीन वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर लगातार काम कर रही थी।
भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का संगम
डॉ. कुणाल सिंह बेरवार ने बताया कि ‘अरिस्टा’ नाम संस्कृत शब्द ‘अरिष्टम्’ से लिया गया है, जिसका अर्थ संकटों से रक्षा करने वाला होता है। वहीं कंपनी का नाम ‘आद्यांत’ भारतीय पौराणिक ग्रंथों से प्रेरित है, जिसका अर्थ आदि और अंत होता है। यह नामकरण भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक AI तकनीक के सुंदर संगम को दर्शाता है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भारत में बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार देने की योजना है, जिससे तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
डीपफेक कॉल से लेकर बैंक फ्रॉड तक पर कड़ी नजर
अरिस्टा साइबर कॉप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुनिया की पहली ऐसी AI प्रणाली है जो वॉयस कॉल फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और AI-जनित डीपफेक वॉयस कॉल्स की पहचान कर सकती है। इसके साथ ही रीयल-टाइम वित्तीय दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस और अनुबंधों में होने वाली जालसाजी को तुरंत पकड़ने में सक्षम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्वदेशी AI समाधान भारत को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
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