नोएडा समेत यूपी के पांच जिलों में झमाझम बारिश, 18 शहरों में ओले का अलर्ट, सर्दी लौटने के संकेत

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उत्तर प्रदेश में मौसम बदला, कई जिलों में बारिश और ओलों का अलर्ट जारी। ठंडी हवाओं से गलन बढ़ी, तापमान 3-4 डिग्री गिरने की संभावना। किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। गुरुवार देर रात से नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर समेत कई जिलों में रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया है। तेज और ठंडी हवाओं के साथ रुक-रुक कर हो रही बारिश से गलन काफी बढ़ गई है। मौसम के अचानक बदले मिजाज के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 18 जिलों में ओले गिरने और कई इलाकों में आंधी व बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण वहां से आ रही ठंडी हवाओं का असर अब यूपी में साफ नजर आने लगा है।


18 जिलों में ओले, कई जगह आंधी-बिजली का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल और बदायूं समेत 18 जिलों में ओले गिरने की संभावना है। इसके अलावा गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर सहित कई जिलों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने को कहा है।


तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। कई जिलों में घना कोहरा छाने की भी आशंका है, जिससे विजिबिलिटी 100 मीटर तक सिमट सकती है। पिछले 24 घंटे में मुजफ्फरनगर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बरेली में 6.3, मेरठ में 7.1, अयोध्या में 7.5 और कानपुर में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवा की दिशा में बदलाव आया है और पछुआ हवाओं के कारण ठंड का असर बढ़ रहा है।


फसलों पर असर, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह बारिश गेहूं, मसूर और चना जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बढ़ेगी। हालांकि सरसों और आलू की फसल को इससे नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर फसलों में दवा का छिड़काव करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।

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