नोएडा में महिला प्रोफेसर को तगड़ा झटका, एक झटके में गंवा दी जीवनभर की कमाई, मामला जान आप भी हो जाएंगे शॉक्ड

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नोएडा में साइबर ठगों ने शेयर बाजार निवेश का झांसा देकर रिटायर्ड महिला प्रोफेसर से 78.60 लाख रुपये ठग लिए। वॉट्सऐप ग्रुप और फर्जी ऐप के जरिए ठगी को अंजाम दिया गया। पुलिस जांच में जुटी है।

नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक सेवानिवृत्त महिला प्रोफेसर को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच देकर 78 लाख 60 हजार 80 रुपये ठग लिए। ठगों ने वॉट्सऐप के जरिए संपर्क कर भरोसे का ऐसा जाल बुना कि पीड़िता को लंबे समय तक ठगी का एहसास तक नहीं हुआ। जब महिला ने अपनी जमा राशि वापस मांगनी शुरू की, तो जालसाजों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए। इसके बाद संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


वॉट्सऐप मैसेज से शुरू हुआ ठगी का खेल
सेक्टर-56 में रहने वाली नीरू मेहता ने पुलिस को बताया कि वह एक रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। 16 नवंबर 2025 को उनके वॉट्सऐप पर रिया कपूर नाम की महिला के नंबर से एक मैसेज आया। मैसेज में शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। साथ ही एक लिंक भी भेजा गया, जिस पर क्लिक करने के बाद वह एक वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ गईं। इस ग्रुप में करीब 104 सदस्य शामिल थे, जहां रोजाना निवेश और मुनाफे से जुड़ी बातें साझा की जाती थीं। इस ग्रुप को 22 जुलाई 2025 को बनाया गया था और इसका एडमिन खुद को सहायक प्रोफेसर बताने वाला गगन जोशी था, जो चैट के जरिए निवेश की सलाह देता था।


ऐप डाउनलोड कराया, फिर शुरू हुए ट्रांजैक्शन
27 नवंबर को जालसाजों ने महिला को बताया कि निवेश से होने वाले मुनाफे पर सिर्फ 15 प्रतिशत सेवा शुल्क देना होगा। 10 दिसंबर को रिया कपूर ने उनके मोबाइल में एक खास ऐप डाउनलोड कराकर निवेश खाता खुलवाया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। महिला ने 10 दिसंबर को सबसे पहले 70 हजार रुपये भेजे। इसके बाद भरोसा बढ़ने पर उन्होंने 29 दिसंबर तक 23 बार में कुल 78 लाख 60 हजार 80 रुपये ट्रांसफर कर दिए। वॉट्सऐप ग्रुप में दिखाए जा रहे फर्जी मुनाफे के आंकड़ों से पीड़िता को यकीन दिलाया गया कि उनका पैसा सुरक्षित है और लगातार बढ़ रहा है।


पैसे मांगने पर टैक्स का बहाना, फिर संपर्क खत्म
जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस लेने की बात कही, तो आरोपियों ने टैक्स और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए। शक होने पर महिला ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तब तक सभी नंबर बंद हो चुके थे। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच की जा रही है।

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