ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन का एलान, सड़कों पर उतरेंगे रामपुर फतेहपुर के किसान, यह है उनकी मांग

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ 16 फरवरी को किसान आंदोलन होगा। रामपुर फतेहपुर गांव में हुई पंचायत में 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट, नए भूमि अधिग्रहण कानून और आबादी निस्तारण को लेकर रणनीति तय की गई।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ प्रस्तावित 16 फरवरी के बड़े किसान आंदोलन की तैयारियों को लेकर रामपुर फतेहपुर गांव में किसानों की एक अहम पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां आंदोलन की रणनीति, मांगों और आगे की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं, बल्कि अधिकार मिलने तक चलने वाला संघर्ष होगा। पंचायत के दौरान किसानों में जबरदस्त एकजुटता और आक्रोश देखने को मिला। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से किसान अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है।


10 प्रतिशत आबादी प्लॉट पर अडिग किसान सभा
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नगर ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट किसानों का वैध अधिकार है और किसान सभा इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों से जमीन तो ले ली, लेकिन बदले में दिए जाने वाले अधिकारों को आज तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया। वीर सिंह नगर ने दो टूक कहा कि जब तक किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि 16 फरवरी को बड़ी संख्या में आंदोलन में पहुंचकर अपनी ताकत दिखाएं।


नए भूमि अधिग्रहण कानून और आबादी निस्तारण भी प्रमुख मुद्दे
किसान सभा के महासचिव जगबीर नंबरदार ने बताया कि 16 फरवरी से शुरू होने वाले आंदोलन में केवल 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट ही नहीं, बल्कि भूमि अधिग्रहण के नए कानून के सभी लाभों को लागू कराने और लंबित आबादियों के पूर्ण निस्तारण की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कई गांवों में आज भी किसानों की आबादियां अधर में लटकी हुई हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगबीर नंबरदार ने कहा कि किसान अब आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस फैसलों से संतुष्ट होंगे।


बोर्ड से प्रस्ताव पास, अब शासन से मंजूरी का इंतजार
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने जानकारी दी कि किसान सभा और किसान संघर्ष मोर्चा के लगातार आंदोलनों के दबाव में 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट से संबंधित प्रस्ताव ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड से पारित होकर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर मंत्री स्तर की सिफारिशें पहले से मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद शासन स्तर पर अंतिम फैसला लंबित है। डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि यदि समय रहते शासन ने निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसान सभा के जिला सचिव गुरप्रीत एडवोकेट ने कहा कि संगठन हर हाल में किसानों के मुद्दों को हल कराने के लिए प्रतिबद्ध है और 16 फरवरी से एक निर्णायक लड़ाई शुरू होगी। वहीं, जिला कमेटी सदस्य महेश प्रजापति ने रामपुर फतेहपुर गांव की ओर से भरोसा दिलाया कि गांव के सैकड़ों किसान और ग्रामीण इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

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