जेवर-अलीगढ़ मार्ग में गहरे गड्ढों से राहगीरों की आफत, स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश!
- Shiv Kumar
- 24 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के जेवर-अलीगढ़ मार्ग पर कैलाश हॉस्पिटल के सामने की सड़क पिछले कई वर्षों से बदहाली का दंश झेल रही है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने इस व्यस्त मार्ग को खतरनाक बना दिया है। बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब गड्ढों में पानी भरने से सड़क और गड्ढों में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों गांवों के लोग गुजरते हैं, जिनमें नौकरीपेशा लोग, किसान, छात्र और मरीज शामिल हैं। खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को धीमी रफ्तार में चलना पड़ता है, फिर भी फिसलने और वाहन क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की अनदेखी कभी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
मरीजों और राहगीरों के लिए मुसीबत बना मार्ग
कैलाश हॉस्पिटल के सामने से गुजरने वाली यह सड़क मरीजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। एंबुलेंस और निजी वाहन जब गड्ढों से भरी सड़क से गुजरते हैं, तो मरीजों को झटके लगते हैं, जिससे उनकी हालत और बिगड़ने का खतरा रहता है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह रास्ता जोखिम भरा साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात के समय पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं। कई बार वाहन पलटने और गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र की लाइफलाइन है, फिर भी इसकी मरम्मत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित प्राधिकरण के अधिकारियों से सड़क की खराब स्थिति की शिकायत की है। हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। न तो सड़क का दोबारा निर्माण कराया गया और न ही गड्ढों को भरने का अस्थायी इंतजाम किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता इस मुद्दे को उठाते हैं, लेकिन बाद में समस्या जस की तस बनी रहती है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी होगी।
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