नोएडा में अंगीठी जलाकर सोए दो चचेरे भाई, दरवाजा खोला तो देखा कुछ ऐसा, हिल गए सभी!

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नोएडा में मजदूरी करने आए मुरादाबाद के दो चचेरे भाइयों की बंद कमरे में अंगीठी जलाने से दम घुटने के कारण मौत हो गई। शनिवार को शव गांव लाए गए, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

 नोएडा में मजदूरी करने आए मुरादाबाद के मैनाठेर थाना क्षेत्र के दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। शनिवार सुबह जब काफी देर तक संपर्क नहीं हो सका तो साथियों ने दरवाजा तोड़कर देखा, जहां दोनों युवक अचेत अवस्था में पड़े मिले। जांच में उनकी मौत की पुष्टि हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई और परिवार में मातम छा गया।


ठंड से बचने के लिए जलाई अंगीठी, बन गई मौत की वजह
मृतकों की पहचान नगर पंचायत महमूदपुर माफी निवासी फुरकान (35) और साहिल (18) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को नोएडा में पूरे दिन बारिश के चलते ठंड काफी बढ़ गई थी। रात के समय ठंड से राहत पाने के लिए दोनों ने अपने कमरे में अंगीठी जलाई और खाना खाने के बाद सो गए। सोने से पहले फुरकान ने परिजनों से फोन पर बात भी की थी और ठंड ज्यादा होने की जानकारी दी थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह ठंड से बचाव का तरीका उनकी जिंदगी छीन लेगा। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अंगीठी से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बंद कमरे में भर गई, जिससे दम घुटने के कारण दोनों की मौत हो गई।


सुबह संपर्क न होने पर टूटा शक, दरवाजा तोड़कर हुई एंट्री
शनिवार सुबह जब परिजनों ने फुरकान और साहिल को फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। कई बार प्रयास के बाद भी संपर्क न होने पर परिजनों ने नोएडा में उनके साथ काम करने वाले मजदूरों को इसकी सूचना दी। साथी मजदूर जब कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा और खिड़कियां अंदर से बंद थीं। अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां दोनों युवक अचेत पड़े मिले। तत्काल जांच करने पर पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। कमरे में रखी अंगीठी से पूरे घटनाक्रम की वजह साफ हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की।


गांव में पसरा मातम, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
दोपहर बाद दोनों शवों को उनके पैतृक गांव महमूदपुर माफी लाया गया। गांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में फुरकान और साहिल को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। परिजनों ने बताया कि फुरकान परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उठाने के लिए नोएडा में मजदूरी कर रहा था, जबकि साहिल कम उम्र में ही उसके साथ काम करने लगा था। यह हादसा एक बार फिर ठंड के मौसम में बंद कमरे में अंगीठी या हीटर के इस्तेमाल को लेकर सतर्कता की जरूरत पर सवाल खड़े करता है।

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