युवराज मौत मामले के चश्मदीद मुनेंद्र का वीडियो वायरल, चौंकाने वाला वाकया, जानकर लगेगा झटका!
- Shiv Kumar
- 26 Jan, 2026
युवराज की मौत के बाद मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब उससे जुड़ा एक नया विवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। युवराज को बचाने की कोशिश करने वाले मुनेंद्र का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कथित तौर पर किसी से पैसे लेते नजर आ रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पैसे पुलिस के खिलाफ बयान देने के लिए दिए गए थे। वीडियो में यह भी सुना जा सकता है कि “आगे और भी पैसे मिलेंगे” और “पुलिस के खिलाफ ही बोलना है, बदलना नहीं है।” इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सवाल खड़े हो गए हैं, जबकि पुलिस और मुनेंद्र की ओर से शुरुआती तौर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
वायरल हो रहे वीडियो में मुनेंद्र को पैसे लेते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में मौजूद आवाजों के आधार पर सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि उसे पुलिस के खिलाफ बोलने के लिए पैसे दिए जा रहे थे। वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कई प्लेटफॉर्म पर इसे शेयर किया जाने लगा। लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि क्या युवराज केस को लेकर बयानबाजी के पीछे किसी तरह का दबाव या सौदेबाजी थी। हालांकि, वीडियो की सत्यता को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मुनेंद्र की तरफ से भी इस वीडियो पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे भ्रम और गहराता चला गया।
भ्रामक सूचनाओं पर नोएडा पुलिस का स्पष्टीकरण
मामले में बढ़ते विवाद को देखते हुए नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे भ्रामक संदेशों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को यह असत्य सूचना फैलाई जा रही थी कि नोएडा पुलिस द्वारा मुनेंद्र को प्रताड़ित किया जा रहा है या उसे अपराधी बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह निराधार है। पुलिस का कहना है कि मुनेंद्र 24 जनवरी 2026 को SIT द्वारा बुलाए जाने पर अपने वाहन और रिश्तेदारों के साथ स्वयं SIT कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने बिना किसी दबाव या भय के अपना बयान दर्ज कराया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि SIT के समक्ष बयान के दौरान गौतमबुद्ध नगर पुलिस का कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
पुलिस ने जनता से की अपील
नोएडा पुलिस ने यह भी बताया कि वीडियो में दिखाई देने वाले पुलिसकर्मी नोएडा प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं और उनका प्रशासनिक नियंत्रण भी प्राधिकरण के पास है। उन्होंने केवल मीडिया की भीड़ से मुनेंद्र को सुरक्षित अंदर ले जाने में मदद की थी। SIT के समक्ष कार्यवाही के बाद ANI को दिए गए मुनेंद्र के बयान से यह स्पष्ट होता है कि उसने स्वतंत्र रूप से अपने उत्तर दिए। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी भी तरह के भ्रामक संदेश सोशल मीडिया पर साझा न करें। युवराज केस से जुड़ा यह नया विवाद अब जांच और तथ्यों की कसौटी पर है, लेकिन वायरल वीडियो ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
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