ग्रेटर नोएडा तीन बच्चों समेत पति-पत्नी ने खाया जहर, दंपति की दर्दनाक मौत, बच्चों को कर गए अनाथ
- Shiv Kumar
- 29 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सादुल्लापुर गांव में एक पति-पत्नी ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि तीनों बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। बच्चों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटी हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और गांव में मातम का माहौल है।
पड़ोसियों को शक हुआ, दरवाजा तोड़ने पर हुआ खुलासा
पड़ोसियों के अनुसार, गुरुवार सुबह से घर में किसी तरह की कोई हलचल नहीं दिखी। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। कई बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया तो देखा कि पति-पत्नी और उनके तीनों बच्चे बेहोशी की हालत में पड़े थे। सभी को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें तुरंत दिल्ली रेफर कर दिया गया।
प्रयागराज का रहने वाला था परिवार, कारण अब भी रहस्य
मृतक दंपत्ति की पहचान श्रवण और नीलम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से प्रयागराज जिले के असरावल कला गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में वे ग्रेटर नोएडा के सादुल्लापुर गांव में रह रहे थे। उनके तीन बच्चे वैष्णवी (10), वैभव (8) और लाडो (4) भी साथ रहते थे। मृतका के भाई अवध नारायण ने बताया कि परिवार में किसी तरह का विवाद या तनाव नहीं था। श्रवण एक प्राइवेट कंपनी में बिल्डिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा काम करते थे। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि दंपत्ति ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस का कहना है कि बच्चों के होश में आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
पुलिस बोली– हर एंगल से जांच, बच्चों का इलाज प्राथमिकता
सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में पारिवारिक कारण सामने आए हैं, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं, प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों की जान बचाना है। इस घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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