भूलकर भी न करें इस मोबाइल ऐप का इस्तेमाल, हो जाएंगे कंगाल, पुलिस ने जारी किया अलर्ट!
- Shiv Kumar
- 29 Jan, 2026
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक ई-चालान से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले की जांच के दौरान “WinGo” नाम के एक अर्निंग ऐप को लेकर गंभीर खुलासा किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह ऐप संदिग्ध भूमिका में पाया गया है, जो “Telecom Mule as a Service” के रूप में काम करने वाला प्रतीत हो रहा है। इसको लेकर पुलिस ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से इस ऐप को इस्तेमाल न करने की सलाह दी है।
बता दें कि पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में साइबर अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जांच में सामने आया है कि WinGo ऐप आम नागरिकों को आसान और त्वरित कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। यूजर्स का भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में छोटे-छोटे और तुरंत भुगतान (withdrawal) किए जाते हैं। इसके बाद उनसे SMS या मैसेज टास्क करवाए जाते हैं। यह ऐप Google App Store पर उपलब्ध नहीं है और इंस्टॉल होने के बाद प्रतिदिन खुद ही लगभग 80 से 100 एसएमएस भेजता है, जिनका संबंध तमाम तरह की धोखाधड़ी से पाया गया है।
देखने में सामान्य लगता है ऐप, करता है तगड़ा फ्रॉड
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये तथाकथित टास्क देखने में सामान्य लगते हैं, लेकिन वास्तव में इनके जरिए संभावित पीड़ितों तक स्कैम मैसेज पहुंचाए जाते हैं या फिर साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। अधिकतर उपयोगकर्ता इस बात से अनजान रहते हैं कि उनकी गतिविधियां किसी बड़े साइबर अपराध नेटवर्क को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दे रही हैं। उपलब्ध सूचनाओं के मुताबिक, टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से इस ऐप से जुड़े एक लाख से अधिक उपयोगकर्ता होने का दावा किया जा रहा है।
भोले-भाले लोगों को फंसाते हैं ऐप के संचालक
जांच में यह भी पाया गया है कि साइबर ठग ऐसे ऐप्स के जरिए भोले-भाले और कमजोर वर्ग के लोगों का शोषण कर रहे हैं। उनकी डिजिटल पहचान और मोबाइल संसाधनों का उपयोग धोखाधड़ी को अंजाम देने और उसे छिपाने के लिए किया जा रहा है। शुरुआती लाभ के लालच में आकर लोग अनजाने में स्कैम चेन का हिस्सा बन जाते हैं, जिससे वे कानूनी जोखिम में भी फंस सकते हैं। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना किसी श्रम के अधिक कमाई का वादा करने वाले SMS टास्क, मैसेज फॉरवर्डिंग, रेफरल आधारित या डिपॉजिट मांगने वाले किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि WinGo ऐप एक “Telecom Mule as a Service App” है और नागरिकों को इसे इंस्टॉल न करने की सख्त सलाह दी जाती है।
पुलिस ने कहा संदिग्ध ऐप, हो सकती है ठगी
पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी को संदिग्ध ऐप, अनचाहे कमाई के प्रस्ताव या साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कोई गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत भारत सरकार के I4C राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के “Suspect Reporting” फीचर के माध्यम से या नजदीकी पुलिस थाने में दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






