ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बड़ा एक्शन, अवैध रूप से बने 8 रिहायसी टावर सील, 100 से अधिक फ्लैट मालिकों को भी दी गई चेतावनी

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने खेड़ा चौगानपुर में बिना अनुमति बने 8 रिहायशी टावरों को सील किया। 100 से अधिक फ्लैट अवैध पाए गए। प्राधिकरण ने खरीदारों को चेतावनी देते हुए अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही।

ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को सुबह बड़ी कार्रवाई की। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने खेड़ा चौगानपुर गांव में खसरा संख्या 109 पर बने 8 रिहायशी टावरों को सील कर दिया। इन टावरों में 100 से अधिक फ्लैट बने हुए थे, जो बिना किसी अनुमति और नक्शा पास कराए अनधिकृत रूप से तैयार किए गए थे। कार्रवाई के समय सभी फ्लैट खाली पाए गए।


बिना अनुमति और नक्शा पास कराए किया गया था निर्माण
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार यह भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आती है। यहां बिल्डरों द्वारा बिना किसी स्वीकृति के बहुमंजिला रिहायशी टावर खड़े कर दिए गए थे। न तो निर्माण की अनुमति ली गई थी और न ही किसी प्रकार का लेआउट या भवन मानचित्र पास कराया गया था। पहले भी प्राधिकरण की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद अवैध निर्माण कार्य जारी रहा, जिसके बाद अब सीलिंग की कार्रवाई की गई।


सीईओ के निर्देश पर चला संयुक्त अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्हीं निर्देशों के तहत भूलेख विभाग और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। कार्रवाई प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव की निगरानी में की गई। मौके पर ओएसडी अभिषेक पाठक, ओएसडी राम नयन सिंह, वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर, सहायक प्रबंधक राजीव मोटला, स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई।


खरीदारों को दी गई सख्त चेतावनी और अपील
प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में जमीन या फ्लैट खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें। अवैध कॉलोनियों या गैरकानूनी निर्माण में निवेश कर लोग अपनी गाढ़ी कमाई जोखिम में न डालें। प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे और मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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