निक्की हत्याकांड में HC का बड़ा फैसला, मृतका के ससुर को मिली जमानत, जेल में अभी दो आरोपी

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सिरसा गांव के चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मृतका के ससुर सतवीर को जमानत दे दी। कोर्ट के फैसले को मामले में अहम मोड़ माना जा रहा है, जबकि दो आरोपी अब भी जेल में बंद हैं।

ग्रेटर नोएडा। सिरसा गांव में निक्की भाटी को जलाकर हत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने मृतका के ससुर सतवीर को जमानत दे दी है। आरोपी पक्ष की ओर से एडवोकेट अमित भाटी बोडाकी ने जमानत मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जल्द ही अन्य अभियुक्तों की ओर से भी जमानत याचिकाएं दाखिल की जाएंगी और साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के बरी होने की उम्मीद है। फिलहाल इस मामले में दो आरोपी दया और विपिन अब भी जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले को केस की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।


एफआईआर में लगाए गए थे गंभीर आरोप
यह मामला 22 अगस्त 2025 को कासना कोतवाली में दर्ज कराया गया था। मृतका निक्की भाटी की बहन कंचन ने एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 21 अगस्त की शाम निक्की के पति विपिन, सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित ने मिलकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसने के बाद इलाज के दौरान निक्की की मौत हो गई थी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी और मामला तेजी से चर्चा में आ गया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।


जांच में सामने आए थे अलग-अलग बयान
विवेचना के दौरान पुलिस को शुरुआती बयानों में एक अहम मोड़ देखने को मिला। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अपने बयान में कहा था कि निक्की ने उन्हें बताया था कि वह गैस सिलेंडर फटने से झुलसी है। हालांकि बाद में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ने हत्या की धारा में मामला दर्ज किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति विपिन को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर थिनर की एक बोतल बरामद होने का भी दावा किया गया था, जिसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।


सत्र न्यायालय से जमानत खारिज, हाईकोर्ट से राहत
पुलिस ने सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में जिला सत्र न्यायालय से जेठ रोहित और ससुर सतवीर की जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी थीं। इसके बाद ससुर सतवीर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने दलील दी कि सतवीर का घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं हैं। यह भी बताया गया कि जेठ रोहित को पहले ही जमानत मिल चुकी है। दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सतवीर को जमानत देने का आदेश पारित किया।

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