नोएडा में ठेकेदार ने की साफ-सफाई में लापरवाही, प्राधिकरण ने ठोका दो लाख रुपये का जुर्माना
- Shiv Kumar
- 30 Jan, 2026
नोएडा प्राधिकरण ने साफ-सफाई व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने पर ठेकेदार कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-150 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर ठेकेदार कंपनी न्यू मार्डन इंटरप्राइजेज पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, जनस्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य निरीक्षक को अंतिम चेतावनी जारी की गई है। यह वही सेक्टर-150 है, जहां हाल ही में बेसमेंट में कार गिरने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।
औचक निरीक्षण में खुली सफाई व्यवस्था की पोल
प्राधिकरण के सिविल एवं जनस्वास्थ्य विभाग के डीजीएम विजय कुमार रावल ने वर्क सर्किल-10 के प्रवीन सलोनिया और जनस्वास्थ्य विभाग द्वितीय के परियोजना अभियंता आरके शर्मा के साथ नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और सेक्टर-150 का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित ठेकेदार कंपनी की ओर से न तो पर्याप्त सफाई हो रही थी और न ही निर्धारित स्थानों पर मैनपावर मौजूद थी। कई जगह कचरा पड़ा मिला और सड़क किनारे गड्ढों की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए ठेकेदार कंपनी पर एक-एक लाख रुपये के दो जुर्माने लगाए।
स्वास्थ्य निरीक्षक को अंतिम चेतावनी, सुबह 7 बजे अनिवार्य उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सफाई कार्य की निगरानी के लिए तैनात स्वास्थ्य निरीक्षक राजेश कुमार मौके पर मौजूद नहीं थे। इसे विभागीय लापरवाही मानते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी जारी की गई है। प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य निरीक्षक अब रोजाना सुबह सात बजे मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और सफाई व्यवस्था में वास्तविक सुधार सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी प्राधिकरण कार्यालय बुलाकर कड़ी फटकार लगाई गई है।
गड्ढों पर बैरिकेडिंग नहीं तो होगी ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई
प्राधिकरण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क पर गड्ढा खोदने वाली एजेंसियां मिट्टी को अलग स्थान पर शिफ्ट करेंगी और गड्ढे के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग की जाएगी। गड्ढों को चारों तरफ से सुरक्षित रूप से कवर करना अनिवार्य होगा। यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार एजेंसियों पर सख्ती जारी रहेगी।
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